Hyderabad IPS wife murder case: हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित प्रशासन नगर में रिटायर्ड IPS अधिकारी विनय रंजन रे की पत्नी तनुजा रंजन की हत्या के मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है. करीब छह महीने से आरोपियों की तलाश कर रही हैदराबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्पना का पता लगा लिया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसे हिरासत में भी लिया गया है.

जांच के मुताबिक, नेपाल की रहने वाली कल्पना रिटायर्ड IPS अधिकारी के परिवार के संपर्क में आई थी. उसे बुजुर्ग तनुजा रंजन की देखभाल के लिए काम पर रखा गया था. आरोप है कि बाद में वह घर में रखे कैश और गहनों की लूट की साजिश में शामिल हो गई. घर में काम करने के दौरान आरोपियों को परिवार की दिनचर्या, घर की स्थिति और सदस्यों की आवाजाही के बारे में जानकारी मिल गई थी. इसी जानकारी का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई.

पुलिस की जांच में सामने आया कि विनय रंजन रे जब बेंगलुरु गए हुए थे, उसी दौरान 7 मई की आधी रात के बाद तनुजा रंजन पर हमला किया गया. आरोपियों ने उनके चेहरे पर तकिया रखकर दम घोंट दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. इसके बाद घर में रखे गहने लेकर आरोपी फरार हो गए.

वारदात के बाद नेपाल भाग गया था गिरोह

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष टीमों का गठन किया था. अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें 29 वर्षीय सुनील बहादुर औजी भी शामिल है. पुलिस ने उसके खिलाफ पीडी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है.

वहीं, मामले की जांच में लापरवाही बरतने वाले कुछ पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ अधिकारियों ने चार्ज मेमो भी जारी किए हैं. जांच अधिकारियों को शक है कि वारदात के बाद नेपाली गिरोह बिहार सीमा के रास्ते नेपाल पहुंच गया था, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके.

दो महीने से नेपाल में डेरा डाले थी पुलिस टीम

जांच के दौरान कल्पना के नेपाल में होने के सबूत मिलने के बाद हैदराबाद पुलिस की एक विशेष टीम वहां भेजी गई थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम करीब दो महीने से नेपाल में रहकर उसकी तलाश कर रही थी. अब उसका पता लगाकर हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है.

पुलिस को उम्मीद है कि कल्पना से पूछताछ के बाद तनुजा रंजन की हत्या के पीछे की पूरी साजिश, लूट की योजना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है. मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.