
Petrol-Diesel Price Hike: ईरान-अमेरिका यु्द्ध की वजह से ग्लोबल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल का टेंशन चरम पर है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई चेन टूट गई है. तेल की कीमत 100 डॉलर के आसपास पहुंच गई है. युद्ध की वजह से शिपिंग और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ रहा है. बढ़ती लागत और कीमत की वजह से तेल कंपनियों का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में नुकसान की भरपाई के लिए तेल कंपनियां आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ी बढ़ोतरी कर सकती है.
क्या भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल के दाम में 18 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 35 रुपये तक की बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है . ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी (Macquarie) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी की वजह से तेल कंपनियों पर भारी दबाव है. बीते 46 दिनों में कच्चे तेल के दाम में 27 डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी आ चुकी है. युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड ऑयल 73 डॉलर पर था, आज वो 120 डॉलर के सफर को पार करते हुए 100 डॉलर के आसपास बना हुआ है.
कच्चे तेल की कीमत में तेजी से कंपनियों को भारी नुकसान
जहां चीन, अमेरिका, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी कर दी गई, वहीं भारत की तेल कंपनियों ने तेल के दाम को ग्राहकों के लिए स्थिर रखा है. इंडिया ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के रिटेल कीमतों को अप्रैल 2022 के बाद से नहीं बदला है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब चूंकि कच्चे तेल के दाम अंधाधुन बढ़ रहे हैं, इन तेल कंपनियों का नुकसान बढ़कर 2400 करोड़ रुपये प्रति दिन पर पहुंच गया है. केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती कर इन्हें थोड़ी राहत दी, जिसके बाद रोजाना का नुकसान 1600 करोड़ रुपये पर पहुंचा है. कच्चे तेल की कीमत में हर 10 डॉलर प्रति हैरल की बढ़ोतरी पर तेल कंपनियों का घाटा 6 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाता है. स्टॉप पेट्रोल-डीजल रेट 135-165 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. इस बढ़त की वजह से भारत में तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 18 रुपये और डीजल पर 35 रुपये का नुकसान हो रहा है.
कब बढ़ सकता है पेट्रोल-डीजल का रेट
ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है. तेल की बढ़ती कीमत की से तेल कंपनियों के नुकसान के साथ-साथ देश के चालू खाता घाटे में बढ़ोतरी हो सकती है. साल 2026 की पहली तिमाही में भारत का चालू घाटा बढ़कर 20 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.


