
Gold-Silver Price Today: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना की ब्लॉकेड से ग्लोबल मार्केट में खलबली मची हुई है. सोने और चांदी के भाव में उठा-पटक चल रही है. बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि क्रूड ऑयल का दाम 120 डॉलर प्रति बैर से ऊपर गया तो सोना-चांदी में गिरावट का सिलसिला और बढ़ सकता है. मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बाद सोने में 8 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. इंडस्ट्रियल डिमांड पर बेस्ड चांदी के भाव में भी 16 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है.
COMEX पर सोने का रेट हाल ही में 4,800 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया. लेकिन दो दिन की गिरावट के बाद इसमें मामूली रिकवरी देखी गई. चांदी का रेट 77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है. आमतौर पर देखा यह जाता है कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच लोग सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं. लेकिन इस बार सोने में नरमी और क्रूड के बढ़ते दाम ने महंगाई की आशंका को बढ़ा दिया है. इसका असर यह हो रहा है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखी जा रही है और रियल यील्ड हाई लेवल पर बना हुआ है.
तेल के दाम में उछाल
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट पर नौसेना ब्लॉकेड लगा दिया है. इससे ईरानी तेल निर्यात पर बड़ा असर पड़ रहा है. ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरानी अधिकारी उनसे संपर्क कर ‘डील’ करने के लिये तैयार हैं. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी इंटरनेशनल कानून के दायरे में शांति वार्ता जारी रखने की बात कही है. इसके बाद तेल की कीमत चढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गईं. शेयर मार्केट में उछाल देखा गया और डॉलर इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट हुई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे सोने को कुछ सपोर्ट मिली. लेकिन जानकारों का कहना है यदि ब्लॉकेड जारी रहा और ईरानी तेल सप्लाई पर असर पड़ा तो तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकते हैं.
तेल में आई तेजी तो सोने में गिरावट तय
क्रूड ऑयल के दाम यदि 120 डॉलर प्रति बैरल के पार गया तो सोना-चांदी के दाम में 10% की गिरावट संभव है. कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कैनात चैनवाला का यह कहना है. यदि अमेरिकी नौसेना की तरफ से की जा रही कार्रवाई से ईरानी क्रूड एक्सपोर्ट पर असर पड़ा और तेल का भाव 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गया तो महंगाई बढ़ेगी. ऐसे में फेड रिजर्व भी ब्याज दर को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है. इस हालात में सोने-चांदी पर दबाव बढ़ेगा और आने वाले समय में सोने-चांदी में और गिरावट आने की संभावना है. सोने के दाम 4,400 डॉलर प्रति औंस, जबकि चांदी 67 डॉलर प्रति औंस पर जा सकते हैं.
सोने-चांदी में कब आएगी तेजी?
मौजूदा हालात में सोने-चांदी की चाल क्रूड ऑयल पर निर्भर कर रही है. यदि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल का दाम गिरता है तो सोने-चांदी में तेजी आएगी. यदि तेल का दाम 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आया तो सोने-चांदी को सपोर्ट मिलेगा. इस हालात में सोना फिर से 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार जा सकता है. इसी तरह चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के ऊपर जा सकती है.
आज क्या है सोने-चांदी का रेट
अंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद है. इंडिया बुलियन ज्वैलरी एसोसिएशन (IBJA) की तरफ से 14 अप्रैल को सोने-चांदी का रेट जारी नहीं किया गया. एक दिन पहले सोमवार शाम को बंद हुए कारोबारी सत्र में 24 कैरेट वाले सोने का रेट गिरकर 15,0000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर गया. आइए जानते हैं IBJA के अनुसार सोने-चांदी का रेट. हालांकि, इस रेट से अलग आपको 3 प्रतिशत जीएसटी देना होता है.
सोने और चांदी के रेट
24 कैरेट गोल्ड: 150011 रुपये प्रति 10 ग्राम
23 कैरेट गोल्ड: 149410 रुपये प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट गोल्ड: 137410 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट गोल्ड: 112508 रुपये प्रति 10 ग्राम
चांदी का रेट: 236981 रुपये प्रति किलो ग्राम
एक्सपर्ट की सलाह
पृथ्वी फिनमार्ट के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन ने निवेश को लेकर कहा कि मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए. जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होने और डॉलर के कमजोर पड़ने तक सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. एसआईपी में निवेश जारी रख सकते हैं. लेकिन अभी किसी भी बड़ी खरीदारी करने से पहले थोड़ा सतर्क रहे. क्रूड का दाम ऊपर गया तो सोने-चांदी का रेट नीचे आएगा.


