शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से खिल रही धूप के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 24 और 25 अक्तूबर को प्रदेश के आठ जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है। खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से ठंड का असर और बढ़ सकता है। वहीं, मौसम में बदलाव के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के भी आसार हैं।

 

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार देर रात पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर अगले दो दिनों तक देखने को मिलेगा। इस दौरान ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी, जबकि मध्य पर्वतीय और कुछ निचले इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह बदलाव ज्यादा दिनों तक रहने की संभावना नहीं है। 26 अक्तूबर से प्रदेश में मौसम फिर साफ रहने का अनुमान है और 29 अक्तूबर तक अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रह सकती है।

 

आठ जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 24 अक्तूबर को हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। वहीं, 25 अक्तूबर को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के कुछ स्थानों पर मौसम खराब रहने की संभावना है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ सकती है। दूसरी ओर, मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

 

दो दिन बाद बढ़ेगी ठंड, 5 डिग्री तक गिर सकता है तापमान

मौसम में संभावित बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि, इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसी तरह, अगले 24 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में भी 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। तापमान में इस गिरावट के चलते सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस हो सकता है। खासकर जनजातीय क्षेत्रों और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सर्दी बढ़ने के आसार हैं।

 

ताबो में जमाव बिंदु के करीब पहुंचा पारा

प्रदेश में मौसम फिलहाल मुख्य रूप से शुष्क बना हुआ है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों के तापमान में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में ऊना प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके विपरीत, जनजातीय क्षेत्र ताबो में न्यूनतम तापमान महज 0.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जमाव बिंदु के बेहद करीब है।

 

 

शिमला में अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बिलासपुर में पारा 30 डिग्री, भुंतर में 29 डिग्री और सुंदरनगर में 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। धर्मशाला में अधिकतम तापमान 27 डिग्री, सोलन में 26 डिग्री और नाहन में 24.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

 

पर्यटन नगरी मनाली में अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री, जबकि कुफरी में 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, केलांग में अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, शिमला और धर्मशाला में अधिकतम तापमान सामान्य से क्रमशः 1.9 और 1.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

 

26 अक्तूबर से फिर खिलेगी धूप

प्रदेश में फिलहाल मौसम साफ रहने के कारण दिन के समय धूप खिल रही है। राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में भी धूप के साथ हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 24 और 25 अक्तूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 अक्तूबर से 29 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान है। ऐसे में बारिश और बर्फबारी की संभावित गतिविधियां सीमित अवधि तक रहने की उम्मीद है।

 

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। जहां ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है, वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। इसके बाद तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर बढ़ने के आसार हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।