कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी कथित गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने देर रात बीरता के समीप एक इमारत में दबिश दी। मौके से 41 मोबाइल फोन और सात लैपटॉप बरामद कर जब्त किए गए हैं।

देर रात इमारत में दी दबिश

जानकारी के अनुसार, थाना कांगड़ा पुलिस ने बीरता के पास स्थित एक इमारत में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और लैपटॉप मिले। पुलिस ने सभी उपकरणों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

 

 

प्रारंभिक जांच में इन उपकरणों का इस्तेमाल कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों के लिए किए जाने की आशंका है। हालांकि, जब्त किए गए उपकरणों से क्या-क्या जानकारी मिली है और गतिविधि का वास्तविक स्वरूप क्या था, इसका खुलासा जांच आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगा।

म्यूल बैंक खातों के जरिए लेन-देन की आशंका

पुलिस की जांच अब केवल मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक सीमित नहीं है। कथित गतिविधियों से जुड़े पैसों के लेन-देन और बैंक खातों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच में ऐसे खातों के इस्तेमाल की आशंका सामने आई है, जिन्हें आमतौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है।

 

 

इन खातों का इस्तेमाल कभी-कभी दूसरों की ओर से पैसे प्राप्त करने या आगे भेजने के लिए किया जाता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित खातों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ, उनमें कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।

अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में

इस मामले में फिलहाल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान और जांच से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं। जांच एजेंसी कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित वित्तीय कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।

 

 

पुलिस के मुताबिक, जांच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी समय से पहले सार्वजनिक होने पर संदिग्ध सतर्क हो सकते हैं या साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से फिलहाल मामले के कुछ विवरण साझा नहीं किए गए हैं।

पुलिस ने क्या कहा?

थाना प्रभारी बरियाल के अनुसार, मामले की गहनता से जांच की जा रही है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक खातों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। इससे कथित गतिविधि के तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।