सिरमौर।  हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में शुक्रवार को स्वागत गेट लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। महर्षि वाल्मीकि चौक पर दो समुदायों के सैंकड़ो लोग आमने.सामने आ गए और कुछ ही देर में इलाके में ईंट.पत्थर बरसने लगे। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। इस हिंसक झड़प में थाना प्रभारी (SHO) समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। एक महिला पुलिसकर्मी भी चोटिल हुई है।

जमकर चले ईंट पत्थर और बोतलें

शहर के वाल्मीकि मोहल्ला और गोविंदगढ़ मोहल्ला के लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद दिनभर तनाव का कारण बना रहा। दोनों पक्षों के बीच पथराव के दौरान ईंटों, पत्थरों, लाठियों-डंडों और कांच की बोतलों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी भारी मशक्कत करनी पड़ी। दिन में किसी तरह हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की गई, लेकिन शाम करीब साढ़े पांच बजे एक बार फिर पथराव शुरू होने से तनाव बढ़ गया।

 

क्या था विवाद शुरू होने का कारण

जानकारी के अनुसार नाहन के महर्षि वाल्मीकि चौक पर क्षतिग्रस्त स्वागत द्वार की मरम्मत और उसे लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद बढ़ गया और वाल्मीकि मोहल्ला तथा गोविंदगढ़ मोहल्ला के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही मामला हिंसक झड़प तक पहुंच गया।

इसके बाद इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई। दोनों तरफ से ईंटें और पत्थर फेंके जाने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के उग्र होने के कारण पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया। इस दौरान थाना प्रभारी के सिर पर गंभीर चोट लगने की सूचना है। कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

 

 

पुलिस पर बरसे पत्थर, लाठीचार्ज से तितर-बितर की भीड़

हिंसा बढ़ने पर पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाला। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद शाम के समय दोनों पक्षों के बीच दोबारा पथराव शुरू हो गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सख्ती बरतनी पड़ी। पुलिस बल पर हुए पथराव के बाद मौके पर अतिरिक्त सतर्कता बढ़ा दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया। अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया, ताकि हिंसा को और फैलने से रोका जा सके।

 

तहसीलदार की गाड़ी क्षतिग्रस्त

हिंसक झड़प के दौरान सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पथराव में तहसीलदार नाहन का वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, क्षेत्र में एक कबाड़ की दुकान में आग लगाए जाने की भी सूचना है। इन घटनाओं के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता हालात को नियंत्रित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना रही। घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई, जबकि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए गए।

नेशनल हाईवे पर थमे वाहनों के पहिए

नाहन में हुई इस हिंसक झड़प का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। तनाव और सुरक्षा व्यवस्था के चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। नेशनल हाईवे पर सैकड़ों वाहन फंसने की सूचना है। करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। हिंसा के कारण आसपास के क्षेत्र में जनजीवन भी प्रभावित रहा।

 

दोपहर से शाम तक तनाव

जानकारी के अनुसार विवाद दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ था। इसके बाद कई घंटों तक इलाके में तनाव बना रहा। दोपहर में पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन शाम करीब 5:30 बजे दोबारा पथराव शुरू होने से हालात फिर बिगड़ गए।

 

घटना के बाद पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और प्रशासन ने स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी रखे। फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर आधिकारिक पुष्टि, घायलों की विस्तृत संख्या और नुकसान का पूरा ब्योरा सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नाहन में इस घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।

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