कॉकरोच जनता पार्टी , SFI और AISF ने शनिवार को कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. उन्होंने दावा किया कि लगभग 15 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया है. संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP, SFI और AISF ने कहा कि दिल्ली में बहुत सारे लोग इकट्ठे हुए, पुलिस ने जिनको जहां रोका वहां पर जंतर मंतर बन गया. इस दौरान सीजेपी, एसएफआई और एआईएसएफ ने आज फिर प्रदर्शन का ऐलान किया है.

उन्होंने बताया कि SFI, DFI ने भूख हड़ताल शुरू किया पर पुलिस ने उनको भी रोका. वहीं ध्रुव राठी, अभिजीत दिपके, सौरभ, नेहा बोरा को डिटेन किया गया. उन्होंने कहा कि पीसफुल प्रोटेस्ट को रोकने के लिए इतने इंतजाम किया गया, ये ही हमारे लिए हमारी जीत है.
उन्होंने कहा कि हम ज्ञानेश कुमार से सवाल लेकर आए थे, वोट चोरी पर सवाल पूछने आए थे, लेकिन हमें सत्ता की ताकत से रोकने की कोशिश की गई. आने वाले दिनों में हमारी लड़ाई जारी रहेगी. ये लड़ाई दिल्ली की ही नहीं है, तेलंगाना में भी अगर किसी का वोट कटा है तो ये उसकी लड़ाई है.
दिपके समेत सभी प्रदर्शकारियों को करें रिहा
उन्होंने कहा कि हमारे लोगों को गिरफ्तार किया गया, पहले पानी बंद किया गया, फिर ट्रेन, बस और मेट्रो बंद कर दी गई.हमारी मांग है कि जल्द से जल्द अभिजीत दिपके समेत सभी प्रदर्शकारियों को छोड़ा जाए.कल हम फिर जंतर मंतर आएंगे, रोज आएंगे जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता. उन्होंने कहा कि हमारे सभी छात्र संगठन एक साथ हैं.
‘हमने आधी लड़ाई जीत ली’
CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बावजूद पार्टी पीछे नहीं हटेगी. अजिंक्य शिंदे ने कहा कि सरकार ने सोचा होगा कि आज हिरासत में लिए जाने के बाद हम घर लौट जाएंगे. मोदी और शाह का यह डर दिखाता है कि हमने आधी लड़ाई जीत ली है. शिंदे इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं क्योंकि CJP के मुख्य सदस्य अभी भी हिरासत में हैं. अजिंक्य शिंदे ने कहा कि आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में ले लें, हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते. हम कल सुबह 10 बजे फिर से जंतरमंतर जाएंगे.
11 October | Sunday | 10am
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@Cockroachisback https://t.co/U7Gk8i6fYV— Ajinkya Shinde October 10, 2026
विरोध जारी रखने की अपील
उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जंतरमंतर आएं और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं विरोध करें. संगठन ने कहा कि जब तक 13 करोड़ वोटों को कथित तौर पर हटाने और उनमें हेरफेर करने के मामले में जवाबदेही तय नहीं हो जाती, तब तक देश भर में सविनय अवज्ञा और सड़क पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे.
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की निंदा
CJP के प्रतिनिधियों ने शनिवार के प्रदर्शनों के दौरान पार्टी नेताओं और दूसरे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने से रोकने के लिए राजधानी में ‘अघोषित इमरजेंसी’ लागू कर दी थी. अजिंक्य शिंदे ने भारी सुरक्षा तैनाती और पाबंदियों की आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली को ‘छावनी या किले’ में बदल दिया गया था.
उन्होंने दावा किया कि छात्रों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और राजनीतिक हस्तियों समेत 15,000 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया और पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर पाबंदी और सिग्नल जैमर लगाने का मकसद शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाना था.
सिविल सोसाइटी के लोगों और विपक्ष के बीच एकता
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अनीश गवांडे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शनों में शामिल सिविल सोसाइटी समूहों और विपक्षी दलों के बीच फूट डालने की कोशिशें की जा रही हैं. गवांडे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में हमेशा सिविल सोसाइटी के लोगों और विपक्ष के बीच एकता देखी गई है.
पूर्व मुख्यमंत्रियों, सांसदों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र और दिल्ली में अलगअलग राजनीतिक समूहों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. उन्होंने कहा कि जवाबदेही की मांग करने वाले विपक्षी दलों और सिविल सोसाइटी के लोगों के बीच एक झूठी फूट पैदा की जा रही है, और वे दोनों साथ मिलकर काम करते रहेंगे.
जंतरमंतर जाने पर लगी रोक
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सृजन भट्टाचार्य ने कहा कि हम तानाशाही के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा एकता के साथ काम कर रहे हैं. CJP के प्रतिनिधियों ने जंतरमंतर जाने पर लगी रोक, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने, ट्रेन सेवाओं को रोकने और ट्रांज़िट हब पर लोगों को हिरासत में लेने की भी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि इन कदमों का मकसद शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने से रोकना था.
आयोजकों ने कहा कि चुनावी पारदर्शिता के लिए यह अभियान कई राज्यों में तब तक जारी रहेगा जब तक कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं हो जाती. बयान में कहा गया, जब तक जेलें भर नहीं जातीं और सरकार को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता, तब तक सविनय अवज्ञा और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेंगे. लोकतंत्र बिकाऊ नहीं है.
दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कानूनव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए रविवार को नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में ट्रैफिक में रुकावट की चेतावनी जारी की है. एडवाइजरी में कहा गया है कि मौजूदा हालात के आधार पर सुबह 6 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है. कई मुख्य सड़कों और चौराहों पर असर पड़ सकता है, जिनमें जंतरमंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, रेल भवन, पटेल चौक, धौला कुआं, लोधी रोड और सरदार पटेल मार्ग के आसपास के इलाके शामिल हैं.
नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से होकर रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों और हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें. पुलिस ने लोगों से गैरजरूरी यात्रा से बचने का भी अनुरोध किया है. एडवाइजरी में कहा गया है कि ज़मीनी हालात के आधार पर ट्रैफिक प्रतिबंधों में बदलाव किया जा सकता है, और यात्रियों से दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर अपडेट देखते रहने को कहा गया है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP की ओर से विरोध प्रदर्शन का यह नया आह्वान शनिवार को दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आया, जब पुलिस ने जंतरमंतर जाने वाले रास्तों समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं, राजनीतिक नेताओं और अन्य लोगों को हिरासत में लिया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ में कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया था. दिल्ली पुलिस ने इस जमावड़े की अनुमति नहीं दी थी, और कई प्रदर्शनकारियों को प्रस्तावित स्थल तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया.



