बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं। इस बार एक्टर सरकार की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सरकार की तारीफ इसलिए की है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ दो लोगों को हिरासत में लिया गया था।

असल में सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल रही है।

मुकेश खन्ना ने क्यों की सरकार की तारीफ?

इंस्टाग्राम हैंडल पर मुकेश खन्ना ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि कल दिल्ली में जो कुछ हुआ उससे मैं बहुत खुश हूं। मैं जो चाहता था कि कॉकरोच के साथ जो हो, वैसा ही हुआ है। ये लोग एक दिन पहले सरकार के इंतजाम का मजाक उड़ा रहे थे। कह रहे थे कि पीएम मोदी डर गया है। दूसरे दिन अभिजीत और उनके साथियों के हिरासत में लिया गया।

मुकेश ने ध्रुव राठी पर साधा निशाना

एक्टर ने ध्रुव राठी को निशाने पर लेते हुए कहा ‘ ध्रुव राठी बहुत बोलता है। उसने कहा था कि मैं आ रहा हूं। वह बंगलूरु में सेल्फी ले रहा था। वह कह रहा था कि मोदी जी ने इतना इंतजाम करके रखा है। वह लोगों से अपील कर रहा था कि बड़ी संख्या में आएं। लेकिन इसे गिरफ्तार कर लिया गया।’

कार्रवाई पर क्या बोले मुकेश?

इसके बाद मुकेश खन्ना बोले, गुंडातंत्र से निपटने के लिए लोकतंत्र का यही तरीका ठीक है। कभीकभी डंडा इस्तेमाल करना पड़ता है। मैं दिल्ली पुलिस की तारीफ करता हूं कि अच्छा इंतजाम किया। प्रदर्शन नहीं हो पाया।

क्या है सीजेपी की मांग?

आपको बताते चलें कि, एक्टर मुकेश खन्ना की यह पोस्ट सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के एलान के बाद आई है। पार्टी मतदाता सूची के एसआईआर से संबंधित अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। संगठन ने मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने को लेकर चिंता जताई गई है और संशोधन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग हो रही है।

रिहा हुए दिपके और दो साथी

फिलहाल सीजेपी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके और उनके दो साथियों को रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया है। अदालत ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कुछ शर्तों के साथ ही 5050 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है।