
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी शांति प्रयासों को थोड़ा और बल मिला है, क्योंकि इजरायली मीडिया ने सेना के हवाले से जानकारी दी कि गुरुवार से दक्षिणी लेबनान में संघर्ष विराम लागू हो गया है।यह युद्ध विराम 10 दिनों के लिए लागू है। हालांकि, हिजबुल्ला की तरफ से ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।
इससे पहले संघर्ष विराम के मुद्दे पर लेबनान के राष्ट्रपति जोसफ औन ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से सीधी बात करने के इनकार कर दिया था। दोनों देशों के बीच 34 साल बात सीधी वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी अपने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट जारी की थी।
बाद में औन ने ट्रंप से भी बात की। वहीं, पाकिस्तान और ईरान ने भी कहा है कि अमेरिका से शांति वार्ता से पहले लेबनान में शांति जरूरी है। उधर, अमेरिका-ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की वार्ता की तैयारियां तेज हो गई हैं।
हालांकि, परमाणु संवर्धन पर अब भी पेच फंसा हुआ है। तेहरान पहुंचे पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने गुरुवार को वरिष्ठ ईरानी नेताओं से मुलाकात की। व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान से वार्ता की तारीख तय नहीं हुई है।
इजरायल-लेबनान के बीच युद्धविराम
एपी के अनुसार, इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद शीर्ष स्तर की शांति वार्ता शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू गुरुवार को लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से बातचीत करनेवाले थे। हालांकि राष्ट्रपति औन ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत में साफ किया कि जब तक हिजबुल्ला से संघर्ष विराम नहीं होता, तब तक किसी तरह की बातचीत नहीं होगी।
लेबनान के एक अधिकारी ने बताया कि रूबियो ने भी औन से कहा कि वह स्थिति को समझ रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी ने सार्वजनिक रूप से लेबनान में युद्धविराम को एक पूर्व शर्त के रूप में अपना समर्थन नहीं दिया है, और इजरायली सरकार ने संभावित बैठक को हिजबुल्ला को निरस्त्र करने पर केंद्रित शांति वार्ता के रूप में प्रस्तुत किया है।इससे पहले, इस हफ्ते वॉशिशगटन में दोनों पक्षों के बीच राजदूत स्तर की बातचीत हुई थी। हालांकि, हिजबुल्ला ने इसका विरोध किया था।
इजरायल ने साफ किया है कि वह फिलहाल ईरान समर्थित हिजबुल्ला के खिलाफ चल रहे युद्ध को खत्म करने के पक्ष में नहीं है। इस संघर्ष में अब तक 2,196 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उधर, इजरायली सेना ने लेबनान की लिटानी नदी पर स्थित उस आखिरी पुल को भी ध्वस्त कर दिया, जो दक्षिणी लेबनान को देश से जोड़ता था। दावा किया कि हिजबुल्ला के 70 आतंकी ठिकानों को एक मिनट के अंदर ध्वस्त कर दिया गया।हिजबुल्ला ने 24 घंटे में 39 सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।
चीन ने भी ईरान से की अपील
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से होर्मुज जलमार्ग में आवागमन फिर से शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते का खुला रखना सभी देशों के हित में है। हालांकि, वांग यी ने कहा कि एक तरफ होर्मुज में ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन दूसरी तरफ इस रास्ते से जहाजों के सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन की भी गारंटी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन संघर्ष विराम बनाए रखने और बातचीत फिर से शुरू करने का समर्थन करता है।