नासिक: टीसीएस के नासिक ब्रांच में धर्मांतरण का आरोप लगा है। पीड़ित लोग एक-एक कर सामने आने लगे हैं। पीड़ितों सबसे अधिक महिला कर्मचारी हैं, जिन्होंने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक पुरुष कर्मी भी सामने आया है। उसने अपनी शिकायत में कहा है कि उसे जबरन टोपी पहनाई गई और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। साथ ही एक आरोपी ने कहा कि अगर उसे बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दे।

टोपी पहनने को मजबूर किया
इंडिया टुडे बातचीत में नासिक टीसीएस के एक कर्मचारी ने कहा कि उसके टीम लीड ने उसे नमाज और कलमा पढ़ने के लिए कहा। साथ ही टोपी पहनने को मजबूर किया। उसने कहा कि उत्पीड़न की हदें तब पार हो गई, जब एक आरोपी ने निजी जिंदगी का मजाक उड़ाया। उसने कहा कि अगर इलाज के बावजूद बच्चा नहीं हो रहा है तो तुम अपनी पत्नी को भेज दे।

2022 में हुई थी उत्पीड़न की शुरुआत
पीड़ित ने कहा कि इस उत्पीड़न की शुरुआत 2022 में हुई थी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उसी समय युवक ने कंपनी ज्वाइन की थी। उसके टीम लीड तौसीफ अख्तर ने अपने सहयोगी दानिश शेख के साथ मिलकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। साथ ही अपने आदेश का पालन करने के लिए सभी को मजबूर किया। लोगों पर अतिरिक्त काम का बोझ भी डालता था।

तौसीफ और दानिश पर भी दर्ज है केस
वहीं, तौसिफ और दानिश का नाम भी उस एफआईआर में दर्ज है, जो 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने नासिक में करवाई है। उसमें आरोप लगाया है कि दानिश ने उसे जबरन चूमने की कोशिश की। साथ ही शादी करना चाहता था। पीड़िता का यह भी आरोप है कि दानिश के साथियों, तौसीफ और एचआर निदा खान ने देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। घटना की जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी को गुप्त एजेंट के तौर पर वहां भेजा गया।

सात आरोपी हुए हैं गिरफ्तार
पुलिस ने पांच पुरुष आरोपियों और दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कई महिला कर्मचारियों की शिकायत पर कुल नौ केस आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए हैं।

मांसाहारी खाना का दबाव डाला गया
पीड़ित कर्मचारी ने कहा कि मैं कट्टर शाकाहारी हूं। नाइट शिफ्ट के बाद मुझे होटलों में ले जाया गया और मांसाहारी खाने का दबाव डाला गया। मैं मना किया तो मेरे विश्वास का मजाक उड़ाया गया।

जबरदस्ती नमाज पढ़वाई
वहीं, 2023 में ईद के मौके पर तौसीफ पीड़ित पुरुष कर्मचारी को अपने घर ले गया। वहां उसे एक धार्मिक टोपी पहनाई, जबरदस्ती नमाज पढ़वाई और उसकी तस्वीरें खींची। साथ ही जलील करने के लिए ऑफिशियल ग्रुप में शेयर किया गया। पीड़ित ने इन सब चीजों का विरोध किया तो तौसीफ ने एक टेबल फैन फेंककर उसे मारा। साथ ही जान से मारने की धमकी दी।

इस्लाम अपना लो तो पिता ठीक हो जाएंगे
इसके साथ ही पीड़ित ने कहा कि तौसीफ, दानिश, शाहरुख और रजा मेनन सहित उस ग्रुप के लोग महिला कर्मचारियों पर अनुचित टिप्पणियां करते थे। पीड़ित ने कहा कि मेरे पिता जब लकवाग्रस्त हुए तो इनलोगों ने कहा कि इस्लाम अपना लो तो पिता ठीक हो जाएंगे। मैंने उनकी बातें नहीं मानी तो मुझे नौकरी से निकलवाने की साजिश रची। हेड ऑफिस में झूठी शिकायतें की। यह सिलसिला 2022 से 23 मार्च 2026 तक चलता रहा।

दोस्ती के बाद धर्मांतरण का खेल
वहीं, पीड़ित ने यह भी कहा कि आरोपियों ने पहले दोस्ती का रिश्ता बनाया। इसके बाद अपने मकसद का इजहार किया। बार-बार धर्म बदलने का दबाव बनाया। कलमा पढ़वाया और रुद्राक्ष का माला उतरवा दिया। मुझे मानसिक रूप से इतना तोड़ा गया कि मैं धर्म बदलने के लिए राजी हो जाऊं।