मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का एक परिवार इस समय बेहद परेशान और दुखी है। परिवार का चार वर्षीय मासूम बेटा गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। थुनाग कुल्हानी क्षेत्र के घाट गांव से ताल्लुक रखने वाले छह साल के मासूम की जिंदगी इस वक्त एक बड़ी बीमारी से संघर्ष कर रही है।

दिव्यांशु की मदद को बढ़ाएं हाथ
दिव्यांशु गंभीर बीमारी के कारण बहुत कमजोर पड़ गया है। दिव्यांशु दिमागी तौर पर अस्वस्थ है। बीमारी के कारण डॉक्टरों ने उसकी एक किडनी पहले ही निकाल दी है। अब उसकी दूसरी किडनी भी खराब हो चुकी है। इतना ही नहीं, मासूम बेटा अब एक और गंभीर दिमागी बीमारी से भी जूझ रहा है। उसका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है।
योगराज ने बताया कि उनके बेटे के अलावा दो बेटियां भी हैं, जो दूसरी और चौथी कक्षा में पढ़ती हैं। बेटे के इलाज के लिए उनकी पत्नी कृष्णा देवी PGI चंडीगढ़ में दिन-रात उसके साथ रह रही हैं। ऐसे में दोनों बेटियों को फिलहाल पड़ोसियों के पास छोड़ना पड़ा है। बेटे के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
गंभीर बीमारी से जूझ रहा दिव्यांशु
वर्तमान में दिव्यांशु की स्थिति काफी नाजुक है। रोग की गंभीरता को देखते हुए उन्हें चंडीगढ़ PGI में भर्ती किया गया है। दिव्यांशु के पिता योगराज बेलदारी करके अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। पिता ने बताया कि वो आज तक अपने पहचान वालों व रिश्तेदारों से पैसे मांग-मांग कर दिव्यांशु का इलाज करवाता रहा। मगर अब हालात बहुत खराब हो चुके हैं।
बेबस परिवार को मदद की उम्मीद
परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने दिव्यांशु की किडनी ट्रांसप्लांट करने को कहा है। जिसका खर्चा लगभग 10 से 12 लाख आएगा। मगर उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वो अपने बेटे का इलाज करवा सकें।
PGI में चल रहा इलाज
परिवार पहले से ही इलाज में जमा पूंजी खर्च कर चुका है और अब समाज की मदद की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है। उन्होंने बताया कि दिव्यांशु को पहले इलाज के लिए मंडी अस्पताल में दाखिल किया गया था। फिर उसका IGMC शिमला में भी इलाज चला। अब दिव्यांशु का PGI चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है।
सरकार से नहीं मिली मदद
दिव्यांशु के पिता ने बताया कि अपने बेटे को बचाने के लिए वो DC तक से मदद मांग चुके हैं। मगर उन्हें आज तक प्रशासन व सरकार से बच्चे के इलाज के लिए कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने अब थक हार कर समाजसेवी संस्थाओं व लोगों से बच्चे के इलाज के लिए मदद करने की गुहार लगाई है।
इलाज के लिए पैसों की कमी
इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे दिव्यांशु के सामने अब एक और बड़ी चुनौती खड़ी है-पैसों की कमी। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण दिव्यांशु का परिवार महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। आज दिव्यांशु की जिंदगी इस बात पर टिकी है कि समय रहते उसकी किडनी ट्रांसप्लांट हो सके।
पैसे नहीं जुटा पा रहा परिवार
इलाज, अस्पताल और सफर के बीच परिवार की कमाई लगभग रुक चुकी है। परिवार ने अब तक किसी तरह दिव्यांशु का इलाज जारी रखा, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि आगे का खर्च उठाना लगभग असंभव हो चुका है। अब दिव्यांशु के परिवार के सामने जीवन और मृत्यु का प्रश्न खड़ा हो गया है। ऐसे में समाज के सजग और संवेदनशील नागरिकों, सेवाभावी संस्थाओं और दानदाताओं से अपील की जा रही है कि इस मुश्किल समय में वे आगे आएं और परिवार की यथासंभव सहायता करें।
बेटे की हालत देख परिजन परेशान
मासूम बेटे की ऐसी हालत देख उसके माता-पिता बेहद परेशान हैं। बेटे को दर्द और तकलीफ में देखकर मानसिक रूप से बेहद व्यथित हैं। परिवार रात-दिन दिव्यांशु के जल्द सही-सलामत होने की कामना कर रहा है। बेटे को बचाने के लिए परिजन हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कम समय में इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है।
परिवार की जनता से विनम्र अपील
दिव्यांशु के परिवार का कहना है कि हमने पूरी कोशिश की है कि इलाज किसी भी हाल में रुकने न पाए। अब हम आर्थिक रूप से बहुत कमजोर पड़ गए हैं। हम किसी से मजबूरी में नहीं, बल्कि अपने बेटे को बचाने की आस में मदद की गुहार लगा रहे हैं। दिव्यांशु की हालत नाजुक है और समय उनके खिलाफ जा रहा है। परिवार ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर मदद करें, दान दें और इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा साझा करें- ताकि दिव्यांशु का इलाज शुरू हो सके।
परिवार की करें मदद
दिव्यांशु के परिवार ने अपना गूगल पे नंबर और अकाउंट नंबर शेयर किया है। जो लोग भी दिव्यांशु की मदद करना चाहते हैं- वो इन नंबरों पर पैसे भेज सकते हैं।
Google pay – 82199-95377 और अकाउंट नंबर (इंडियन ओवरसीज बैंक मंडी)
Account no – 042201000012199 (इंडियन ओवरसीज बैंक, मंडी)



