Himachal Se: Amravati Adhik Maas: विदर्भ के वृंदावन के रूप में प्रसिद्ध श्रीधाम कौंडिण्यपुर में श्री श्री रुक्मिणी द्वारकानाथ मंदिर द्वारा अधिक मास पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित करने का भव्य संकल्प लिया गया है। यह आयोजन इस्कॉन के संस्थापक आचार्य ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के वरिष्ठ शिष्य, इस्कॉन पदयात्रा मिनिस्टर और विश्वविख्यात कीर्तन सम्राट श्रील लोकनाथ स्वामी महाराज की प्रेरणा से किया जा रहा है। 17 मई से शुरू हुआ यह अखंड महाप्रसाद वितरण आगामी 15 जून तक लगातार जारी रहेगा।

अधिक मास में 1 लाख श्रद्धालुओं को महाप्रसाद बांटने का संकल्प, कौंडिण्यपुर में उमड़ रही भक्तों की भीड़​
अधिक मास में 1 लाख श्रद्धालुओं को महाप्रसाद बांटने का संकल्प, कौंडिण्यपुर में उमड़ रही भक्तों की भीड़​

इस पावन अवधि में रोजाना आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न यजमानों के सहयोग से महाप्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। अब तक राजेंद्र हरिकिसनजी सरडा, रोहिणी सुनील काशिकर नागपुर, सुरेश अग्रवाल आर्वी, चेतन अग्रवाल नागपुर, अक्षय अग्रवाल अमरावती, पारेश वर्मा मालेगांव, माणिकराव लोखंडे आर्वी, एड। आनंद पारचोरे नागपुर सहित कई गणमान्य श्रद्धालुओं ने अलगअलग दिनों में यजमान बनकर सेवा अर्पित की है और भक्तों को महाप्रसाद का वितरण किया है।

15 जून तक चलेगा महाप्रसाद वितरण

धाम में सुबह 4.30 बजे श्री श्री रुक्मिणी द्वारकानाथ और श्री गोवर्धन गिरिराज भगवान की शुभ मंगल आरती, भक्तों द्वारा हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे महामंत्र का सामूहिक जप, सुबह 7.30 बजे दर्शन आरती और आचार्य श्रील प्रभुपाद की गुरुपूजा,पश्चात यजमानों के हाथों श्री सत्यनारायण भगवान की विशेष पूजा और कथा का आयोजन, 11 बजे भव्य महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को निरंतर महाप्रसाद का वितरण होता है।

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भक्तिमय हुआ विदर्भ का वृंदावन

पिछले 15 दिनों से कौंडिण्यपुर धाम में हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान, जपतप, और महाप्रसाद का लाभ ले रहे हैं। भक्तों की भारी उपस्थिति से पूरा परिसर हरिनाम संकीर्तन और भक्तिमय ऊर्जा से सराबोर हो गया है। इस्कॉन कौंडिण्यपुर मंदिर के अध्यक्ष परमपूज्य अक्रूर प्रभुजी ने बताया कि यह पवित्र उत्सव आने वाले अगले 15 दिनों तक इसी प्रकार जारी रहेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस दुर्लभ और पावन आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाने तथा कौंडिण्यपुर धाम आकर पुण्य अर्जित करने की भावभीनी अपील की है।