
कर्नाटक के हुबली में हत्या का अजीबो गरीब मामला सामने आया है, यहां पिछले हफ्ते एक शख्स ने अपने बड़े भाई के कथित हत्यारे की हत्या कर दी। कहा जा रहा है कि उसे उसकी मां ने कई सालों से इसके लिए उकसाया था। पुलिस ने बताया कि उन्होंने इस अपराध के सिलसिले में महिला, उसके बेटे और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। यह घटना किसी फिल्मी कहानी की तरह लग रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 28 अगस्त को वीरेंद्र उर्फ़ मुज्जू तलकल और एक अन्य आरोपी ने कथित तौर पर 35 साल के दादापीर उदयकर की हत्या कर दी। दादापीर को मारुति तलकल की 2015 में हुई हत्या के मामले में बरी कर दिया गया था। पुलिस ने बताया कि जब वीरेंद्र के भाई की हत्या हुई थी, तब वह नाबालिग था लेकिन उसके मन में दादापीर के लिए नफरत बनी रही।
हुबली-धारवाड़ के पुलिस कमिश्नर एन. शशि कुमार ने कहा, “उसकी मां शकुंतला तलकल अपने छोटे बेटे से बार-बार कहती थीं कि दादापीर ही उसके बड़े भाई की मौत के लिए ज़िम्मेदार था। उन्होंने उसके मन में डर पैदा किया और कहा कि अगर उसने कुछ नहीं किया, तो दादापीर एक दिन उसे भी मार सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वह उसे उकसाती रहीं और कहती रहीं कि उसे अपने भाई की हत्या का बदला लेना चाहिए।” पुलिस ने आगे बताया कि हत्या के बाद शकुंतला ने वीरेंद्र को बधाई दी और उसे इनाम दिया और कहा कि वह दादापीर के मारे जाने का इंतजार कर रही थी।
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सैलून के पास दादापीर पर धारदार हथियारों से हमला
दादापीर 28 अगस्त को एक बुजुर्ग के साथ हुबली आया था। उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर अपने घरों और दूसरी जगहों पर छिपाकर रखे गए धारदार हथियार और अन्य हथियार जमा किए। पुलिस ने बताया कि जब वह बसवा कॉलोनी क्रॉस पर एक सैलून के पास बैठे थे, तब वीरेंद्र ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन एक दोपहिया वाहन की टक्कर से गिर पड़े। आरोपियों ने उनका पीछा किया और सिद्धेश्वर पार्क के पास धारदार हथियारों से उन पर जानलेवा हमला किया।
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पुलिस ने वीरेंद्र और दीपक चलावाड़ी को मुख्य आरोपी के तौर पर पहचाना है। इनके साथ शकुंतला तलकल, रक्षित बांदीवद्दार, तौफीक होराकेरी और फारूक नरगुंड भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर हत्या के लिए गाड़ी, पैसे, कपड़े और हथियारों का इंतज़ाम करके और पकड़े जाने से बचने में मदद करके उनका साथ दिया था। पुलिस ने कहा कि दीपक की दादापीर से पहले से दुश्मनी भी थी। पुलिस हत्या में शामिल होने के शक में तीन या चार और लोगों की तलाश कर रही है, आगे की जांच चल रही है। पुलिस के मुताबिक, दादापीर 2017 के आसपास से कलाघाटगी तालुक में रह रहे थे। वह खेती और पोल्ट्री फार्मिंग का काम करते थे।



