उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गुरुवार सुबह मिली 35 वर्षीय अज्ञात महिला की नग्न (न्यूड) डेडबॉडी के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में रेलवे के एक कर्मचारी की संलिप्तता सामने आई है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। करीब 100 पुलिसकर्मियों द्वारा 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद यह बात सामने आई है कि मृतका के साथ अंतिम बार वही रेलकर्मी मौजूद था। पुलिस को आशंका है कि महिला संभवतः पहली बार गोरखपुर आई थी और रेलवे स्टेशन पर ही उसकी मुलाकात उक्त रेलकर्मी से हुई थी, जिसके बाद दोनों को एक ही स्कूटी पर जाते हुए देखा गया। मृतका की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है, और शव मिलने के 72 घंटे बाद आज यानी रविवार को उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट से मौत की असल वजह साफ होगी।

स्टेशन पर हुई थी मुलाकात और शराब पीने की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, यह महिला बुधवार रात इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। रेलवे स्टेशन पर ही उसकी मुलाकात संदिग्ध रेलकर्मी से हुई, जिसके बाद वह उसकी स्कूटी पर बैठकर देवरिया की तरफ जाने वाले रास्ते पर निकली। जांच में यह भी सामने आया है कि रास्ते में दोनों ने जमकर शराब पी थी, जिसे अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड देखा गया है। पुलिस का अंदेशा है कि आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया होगा और किसी विवाद के बाद उसका नाक व मुंह दबाकर दम घुटने से हत्या कर दी गई। हालांकि, इन तमाम बातों की आधिकारिक पुष्टि विसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली से जुड़ी मोबाइल लोकेशन

अब तक की पुलिस जांच में यह बात भी पुख्ता हुई है कि मृतका शायद पहली बार ही गोरखपुर आई थी। बुधवार रात रेलवे स्टेशन पर उतरने से ठीक पहले उसके मोबाइल फोन की लोकेशन लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर मिली थी, जबकि उससे पहले उसकी लोकेशन वाराणसी और दिल्ली में भी ट्रेस की गई थी। पुलिस मोबाइल की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए उसकी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है, हालांकि अब तक उसकी असली पहचान से जुड़ा कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग लगा है।

100 पुलिसकर्मियों ने खंगाले 500 से अधिक कैमरे

एसपी नार्थ ज्ञानेन्द्र के मुताबिक, महिला का शव मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने सीडीआर और सर्विलांस के साथ-साथ रूट के सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी थी। लगभग 100 पुलिसकर्मियों की विशेष टीमों को अलग-अलग रास्तों के कैमरों की मानिटरिंग में लगाया गया। 500 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को मृतका और उसके साथ स्कूटी पर जाते संदिग्ध रेलकर्मी की तस्वीर मिल गई। इसके अलावा, स्थानीय गवाहों ने भी बुधवार रात करीब 11 बजे सड़क किनारे एक महिला और पुरुष को स्कूटी पर आते और कुछ देर बातचीत करते देखे जाने की पुष्टि की है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फिलहाल पुलिस संदिग्ध रेलकर्मी को दबोचने के लिए लगातार दबिश दे रही है।