इस त्योहारी सीजन में Apple के iPhone की चमक कुछ फीकी पड़ गई है. दशहरा के आसपास इसकी सेल में 30 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. कीमतों में बढ़ोतरी, कम डिस्काउंट और फोन बदलने के लंबे अंतराल के कारण दिवाली पर भी मांग कम रहने की उम्मीद है.

इस सुस्ती से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन मार्केट में Apple की ग्रोथ की रफ्तार पर असर पड़ सकता है. मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार भारत में इस साल iPhone की शिपमेंट में दो अंकों की गिरावट आ सकती है, जबकि 2025 में यह रिकॉर्ड 14.3 मिलियन यूनिट थी. साल की दूसरी छमाही में यह गिरावट और तेज होने की आशंका है.

इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन की एनालिस्ट उपासना जोशी ने मनी कंट्रोल की रिपोर्ट में कहा कि रिटेलर्स से मिल रहे फीडबैक के अनुसार बिक्री धीमी है, जो कीमतों में बढ़ोतरी और त्योहारी ऑफर्स की कमी को देखते हुए स्वाभाविक है. हमें उम्मीद है कि इस साल पूरे बाजार में त्योहारी मांग कम रहेगी. यह सुस्ती तब देखने को मिल रही है, जब कंपनी ने iPhone 18 Pro सीरीज और नया iPhone Duo लॉन्च किया है.

ओम्डिया के एनालिस्ट संयम चौरसिया ने मंनी कंट्रोल की रिपोर्ट में कहा कि पुराने मॉडल्स और 18 Pro सीरीज की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ग्राहक अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुराने iPhone अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे लोग नया फोन खरीदने में ज्यादा समय ले रहे हैं . इसके अलावा, कुछ खास मॉडल्स की कमी ने भी दबाव बढ़ा दिया है.

सितंबर में नए बेस iPhone 18 के लॉन्च न होने से भी त्योहारी सीजन की रफ्तार पर असर पड़ा है. चौरसिया ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि बेस iPhone 18 के 2027 की शुरुआत में आने की उम्मीद है, इसलिए कुछ मांग Q4 से खिसककर Q1 में जा सकती है.

काउंटरपॉइंट रिसर्च के एनालिस्ट शुभम निमकर मनी कंट्रोल की रिपोर्ट में कहा कि ऊंची कीमतों की वजह से Apple के संभावित ग्राहकों का दायरा सिमट रहा है, जिससे लोग फोन खरीदने में देरी कर रहे हैं. इस साल दिवाली थोड़ी देर से है, जिसकी वजह से त्योहारी खरीदारी का कुछ हिस्सा अक्टूबर में चला गया है. ऐसे में, पूरे सीजन के प्रदर्शन का सही अंदाजा लगाना अभी जल्दबाजी होगी.

फाइनेंसिंग स्कीम्स से खरीदारी को बढ़ावा मिल सकता है, जबकि 18 Pro सीरीज और Duo नए मॉडल्स को तुरंत अपनाने वाले ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं. IDC के अनुसार, जून तिमाही में भारत के स्मार्टफोन बाजार में Apple की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत थी, जो प्रीमियम सेगमेंट में इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है.

रिटेलर्स ने इन्वेंट्री जमा होने की समस्या बताई

रिटेलर्स का कहना है कि दशहरा के आसपास सेल में 30 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. इसके पीछे ग्राहकों की सतर्कता, ऊंची कीमतें और कम प्रमोशनल ऑफर मुख्य कारण हैं. कीमतें बढ़ने और कुछ फाइनेंसिंग व डिस्काउंट स्कीम बंद होने के कारण, iPhone 15, 16 और 17 सीरीज जैसे पुराने मॉडलों की मांग कम हो गई है. त्योहारी सीजन में अच्छी सेल की उम्मीद में रिटेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने काफी स्टॉक जमा कर लिया था, लेकिन सेल धीमी रहने की वजह से अब उनके पास बहुत सारा स्टॉक बच गया है.

करेंसी में उतारचढ़ाव और इंपोर्ट से जुड़ी चुनौतियों ने भी दबाव बढ़ा दिया है. कुछ व्यापारी नुकसान से बचने के लिए अपना स्टॉक नहीं बेच रहे हैं, क्योंकि उन्होंने इसे ऐसे समय में खरीदा था जब एक्सचेंज रेट उनके पक्ष में नहीं थे. हालांकि, रिटेलर्स का मानना ​​है कि ग्राहकों की कम मांग ही सबसे बड़ी चिंता का विषय है. इसके उलट, 18 Pro और Pro Max मॉडल की सप्लाई में कमी देखी जा रही है.

‘ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन’ , जो 1.5 लाख से ज्यादा मोबाइल रिटेलर्स का प्रतिनिधित्व करता है, ने मनी कंट्रोल की रिपोर्ट में कहा कि iPhone Duo के डेमो यूनिट तो रिटेल आउटलेट्स तक पहुंच गए, लेकिन लॉन्च के दिन काफी दिलचस्पी होने के बावजूद बिक्री के लिए उपलब्ध स्टॉक बहुत कम था.

AIMRA का कहना है कि इस कमी की वजह से दुबई से आया ‘ग्रेमार्केट’ स्टॉक भारत में घुस गया, जिससे अधिकृत रिटेलर्स को नुकसान हुआ. एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि नए लॉन्च हुए डिवाइस पाने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स, रिटेलर्स पर पुराने iPhone मॉडल खरीदने का दबाव डाल रहे हैं. उन्होंने Apple India से इस मामले में ‘मिस्ट्री ऑडिट’ कराने की मांग की है.

iPhone Duo: सप्लाई कम, डिस्प्ले को लेकर चिंताएं

रिटेलर्स का अनुमान है कि शुरुआत में बिक्री के लिए केवल 6,0007,000 Duo यूनिट ही उपलब्ध कराए गए थे. कुछ रिटेलर्स ने बताया कि उन्हें 100 यूनिट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मिले केवल 5 से 7 यूनिट. जबकि ग्राहक इस डिवाइस को पाने के लिए 25,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपए तक का एक्स्ट्रा प्रीमियम देने को तैयार थे.

भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है, जबकि अमेरिका में टैक्स से पहले इसकी कीमत 1,999 डॉलर है. रिटेलर्स का कहना है कि कीमतों में इतना बड़ा अंतर ‘पैरेलल इंपोर्ट’ को बढ़ावा दे सकता है. वैसे इस मामले में एपल की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

दुनिया भर में कुछ ग्राहकों ने शिकायत की है कि Duo की अंदरूनी स्क्रीन में दरारें आ रही हैं. एपल ने माना है कि कुछ यूनिट्स के इनर डिस्प्ले में एक समस्या आ रही है. कंपनी ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे रिप्लेसमेंट के लिए एपलकेयर से संपर्क करें.

रिटेलर्स के अनुसार, भारत में अभी तक ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आई है. हालांकि, देश में उपलब्ध डिवाइस की संख्या कम होने की वजह से भी ऐसा हो सकता है कि कोई मामला सामने न आया हो. इसलिए, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारतीय यूनिट्स भी इससे प्रभावित हैं या नहीं.