अगर आप भी छुट्टियां बिताने या काम के सिलसिले में दुबई जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है. भारतीय एंबेसी ने यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें UAE जाने वाले भारतीयों को सफर शुरू करने से पहले मेडिकल इंश्योरेंस कराने की सलाह दी गई है. UAE में मेडिकल इमरजेंसी के दौरान भारतीय नागरिकों को भारीभरकम बिल चुकाने के कई मामले सामने आने के बाद दुबई स्थित भारतीय कॉन्सुलेट और अबू धाबी स्थित भारतीय एंबेसी ने यह सलाह जारी की है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर दुबई में इलाज कितना महंगा है कि एंबेसी को भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी करनी पड़ी.

भारतीय एंबेसी की एडवाइजरी में टूरिज्म या विजिट के लिए UAE जाने वाले भारतीयों से सफर शुरू करने से पहले पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस लेने को कहा गया है. साथ ही, इंश्योरेंस में कैशलेस इलाज और इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को भारत वापस लाने का खर्च भी शामिल करने की सलाह दी गई है.
दुबई में कितना महंगा है इलाज?
Allocation Assist की वेबसाइट पर 2025 के लिए दी गई जानकारी के मुताबिक, दुबई के प्राइवेट अस्पतालों में जनरल फिजिशियन यानी GP से सलाह लेने का खर्च 7,800 से 13,000 रुपये तक हो सकता है. स्पेशलिस्ट डॉक्टर की फीस 31,200 रुपये तक पहुंच सकती है. वहीं, सामान्य लैब टेस्ट कराने में 5,200 से 20,800 रुपये और स्कैन या इमेजिंग जांच पर 78,000 रुपये तक खर्च हो सकते हैं.
छोटी सर्जरी का खर्च करीब 39,000 रुपये से शुरू होकर बड़ी सर्जरी के लिए 7,80,000 रुपये से ज्यादा हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल में रजिस्ट्रेशन के लिए 3,900 से 7,800 रुपये और हर विजिट की प्रोसेसिंग फीस के रूप में 2,600 से 5,200 रुपये तक अलग से देने पड़ सकते हैं.
इमरजेंसी में इलाज का खर्च 5.2 लाख रुपये तक
रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई के प्राइवेट मेडिकल सेंटर में इमरजेंसी इलाज का शुरुआती खर्च करीब 13,000 रुपये हो सकता है. सामान्य इमरजेंसी विजिट के लिए यह खर्च 52,000 रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि गंभीर स्थिति में जांच और इलाज समेत कुल खर्च 5,20,000 रुपये तक जा सकता है.
इसके अलावा, एनेस्थीसिया यानी बेहोश करने की प्रक्रिया के लिए 7,800 से 26,000 रुपये और दवाओं के लिए 1,300 से 5,200 रुपये तक खर्च हो सकता है. हालांकि, असल बिल अस्पताल, बीमारी की गंभीरता, जरूरी जांच और इलाज के तरीके पर निर्भर करेगा.
हेल्थ इंश्योरेंस से कितना फायदा?
Allocation Assist की रिपोर्ट में बताए गए बेसिक इंश्योरेंस प्लान के मुताबिक, सालाना 8,320 रुपये के प्रीमियम पर 39 लाख रुपये तक का कवरेज मिल सकता है. इस प्लान में भी कुछ शर्तें लागू होती हैं और इलाज के दौरान कुछ खर्च मरीज को खुद उठाने पड़ सकते हैं.
- सालाना प्रीमियम: 8,320 रुपये.
- कवरेज लिमिट: 39 लाख रुपये तक.
- अस्पताल में भर्ती होने पर: रिपोर्ट के मुताबिक, मरीज की ओर से सालाना अधिकतम 26,000 रुपये तक खर्च की सीमा बताई गई है.
- दवाओं पर: मरीज का सालाना खर्च अधिकतम 39,000 रुपये तक बताया गया है.
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि रिपोर्ट में बताए गए आंकड़े एक खास बेसिक इंश्योरेंस प्लान से जुड़े हैं. UAE जाने वाले भारतीय पर्यटकों पर यही प्रीमियम, कवरेज और भुगतान की शर्तें लागू हों, यह जरूरी नहीं है. इसलिए सफर से पहले पॉलिसी में इमरजेंसी इलाज, कैशलेस सुविधा और मेडिकल इवैक्यूएशन यानी गंभीर स्थिति में मरीज को भारत वापस लाने के खर्च से जुड़ी शर्तें जरूर जांचनी चाहिए.



