करीब 6 साल पहले गूगल, मेटा, केकेआर, आबु धाबी इंवेस्टमेंट अथॉरिटी, टीपीजी जैसे दिग्गज निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म में मोटा निवेश किया था. उन्हें पता था कि आने वाले दिनों में जियो उनके लिए कमाई का मोटा जरिया बनने वाला है. जियो लिस्टिंग से पहले उम्मीद की जा रही थी कि ये दिग्गज निवेशक भी अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने लिस्टिंग का इंतजार किया. अब जब जियो की लिस्टिंग हो गई है, तब उनके निवेश की वैल्यू करीब करीब दो से तीन गुना हो गई है. मेटा को 77 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का फायदा हुआ है. वहीं दूसरी ओर गूगल को 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा मुनाफा हुआ है. इसका मतलब है कि आम रिटेल निवेशकों को एक शेयर पर 239 रुपए का फायदा हुआ है. वहीं मेगा, गूगल जैसे निवेशकों को एक शेयर पर 870 रुपए का फायदा हुआ है. आइए आपको भी बताते हैं कैसे?

दिग्गजों निवेशकों ने कितना किया था निवेश

निवेशक 2020 में निवेश शेयर प्रति शेयर कॉस्ट IPO प्राइस पर वैल्यू लिस्टिंग प्राइस पर वैल्यू
मेटा 43,574 89.23 488 99,846 1,21,174.34
गूगल 33,737 69.09 488 77,307 93,824.22
विस्टा इक्विटी पार्टनर्स 11,367 20.69 549 23,156 28,097.02
केकेआर 11,367 20.69 549 23,156 28,097.02
PIF 11,367 20.69 549 23,156 28,097.02
मुबाडला 9,094 16.55 549 18,525 22,474.9
जनरल अटलांटिक 6,598 12.01 549 13,442 16,309.58
ADIA 5,684 10.35 549 11,578 14,055.3
टीपीजी 4,547 8.28 549 9,262 11,244.24

दिग्गज निवेशकों को हुआ कितना मोटा फायदा?

  1. मेटा ने 488 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 89.23 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 43,574 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 99,846 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 1,21,174.34 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 77,600.34 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  2. गूगल ने 488 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 69.09 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जिसके लिए कंपनी ने 33,737 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 77,307 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 93,824.22 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 60,087.22 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  3. विस्टा इक्विटी पार्टनर्स ने 549 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 20.69 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 11,367 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 23,156 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 28,097.02 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 16,730.02 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  4. केकेआर ने 549 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 20.69 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 11,367 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 23,156 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 28,097.02 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 16,730.02 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  5. PIF ने 549 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 20.69 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 11,367 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 23,156 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 28,097.02 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 16,730.02 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  6. मुबाडला ने 549 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 16.55 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 9,094 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 18,525 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 22,474.9 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 13,380.9 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  7. जनरल अटलांटिक ने 549 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 12.01 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 6,598 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 13,442 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 16,309.58 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 9,711.58 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  8. अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने 549 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 10.35 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 5,684 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 11,578 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 14,055.3 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 8,371.3 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.
  9. टीपीजी ने 549 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 8.28 करोड़ रुपए शेयर खरीदे थे. जिसके लिए कंपनी ने 9,262 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जियो आईपीओ के इश्यू प्राइस हिसाब से मेटा के निवेश की वैल्यू 11,244.24 करोड़ रुपए हो गई, वहीं दूसरी ओर लिस्टिंग प्राइस के हिसाब से वैल्यू बढ़कर 14,055.3 करोड़ रुपए हो गई. इसका मतलब है कि मेटा को जियो से 6,697.24 करोड़ रुपए का फायदा हो गया.

जियो की धमाकेदार लिस्टिंग

इससे पहले बुधवार की सुबह जियो की शेयर बाजार में धमाकेदार लिस्टिंग देखने को मिली. आंकड़ों को देखें तो कंपनी की लिस्टिंग 1,358 रुपए पर हुई, जोकि 21 फीसदी से ज्यादा का प्रीमियम पर था. कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का इश्यू प्राइस से 24 फीसदी से ज्यादा के प्रीमियम पर पहुंचकर 1,394.45 रुपए पर आ गया. जिसकी वजह से शेयर बाजार ​के रिटेल निवेशकों को एक शेयर पर 275 रुपए से ज्यादा का फायदा हो चुका है. वहीं दूसरी ओर इश्यू प्राइस पर कंपनी का मार्केट कैप 10.30 लाख करोड़ रुपए था, जोकि बढ़कर 12.81 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका है.जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में जियो के शेयरों में और ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है.