शिमला/मनाली। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर शुरू होने से ठंड बढ़ने लगी है, वहीं पर्यटन स्थलों पर पहुंचे सैलानियों के चेहरे खिल उठे हैं। रोहतांग दर्रे से लेकर अटल टनल रोहतांग तक बर्फ के फाहे गिरते देख पर्यटक रोमांचित हो गए। किसी ने बर्फबारी के खूबसूरत नजारों को कैमरे में कैद किया, तो कोई बर्फ के बीच मस्ती करता नजर आया।

शनिवार को कुल्लू और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया। कोकसर में हल्की ओलावृष्टि की सूचना भी मिली है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है।
रोहतांग से अटल टनल तक गिरे बर्फ के फाहे
मनाली और आसपास के पर्यटन स्थलों पर पहुंचे पर्यटकों के लिए शनिवार का दिन यादगार बन गया। रोहतांग दर्रे की ओर घूमने गए सैलानियों को बर्फ के फाहों के बीच समय बिताने का मौका मिला। रोहतांग से अटल टनल तक रुक-रुककर हिमपात होता रहा, जिससे पहाड़ों का नजारा और भी खूबसूरत हो गया। ताजा बर्फबारी के बीच पर्यटक बर्फ से ढकी चोटियों को निहारते नजर आए। कई सैलानियों ने बर्फबारी के वीडियो बनाए और इन यादगार पलों को अपने कैमरों में कैद किया। बच्चों से लेकर बड़ों तक ने बर्फ में अठखेलियां कर मौसम का आनंद लिया।
रोहतांग जाने के लिए 587 परमिट बुक
बर्फबारी की खबर और पहाड़ों के खूबसूरत नजारों ने पर्यटकों का उत्साह बढ़ा दिया है। शनिवार को रोहतांग दर्रे के लिए करीब 587 परमिट बुक हुए। अटल टनल के साउथ पोर्टल, सोलंगनाला, कोकसर और सिस्सू में भी पर्यटकों की चहल-पहल देखने को मिली। सैलानियों ने बर्फ के बीच घूमने के साथ-साथ पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध साहसिक गतिविधियों का भी आनंद लिया। ट्यूब स्लाइडिंग, स्कीइंग, बंजी जंपिंग और जिपलाइन जैसी गतिविधियों में पर्यटकों ने हिस्सा लिया। बर्फ से ढके पहाड़ों और ठंडी हवाओं के बीच मनाली पहुंचे पर्यटकों को मौसम का यह बदला मिजाज खूब भाया।
अगले दो दिन इन जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 24 और 25 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। 25 अक्टूबर को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होने से ठंड में और इजाफा हो सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने फिलहाल किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
26 से 30 अक्टूबर तक मौसम साफ रहने का अनुमान
बारिश और बर्फबारी की संभावनाओं के बाद प्रदेश में मौसम के साफ रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 से 30 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई भागों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे इतनी ही बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, अधिकतम तापमान में भी अगले दो से तीन दिनों के दौरान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट का अनुमान है।
कई जगह शून्य से नीचे पहुंचा पारा
प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ने लगा है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। केलांग में न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री और ताबो में 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, मैदानी क्षेत्रों में तापमान अभी भी अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है। ऊना में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को धूप खिली रही।
पर्यटन कारोबारियों को बढ़ी आमद की उम्मीद
ताजा बर्फबारी के बाद मनाली और लाहौल घाटी के पर्यटन कारोबारियों को पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि बर्फ देखने की चाह में आने वाले दिनों में अधिक सैलानी अटल टनल, कोकसर और आसपास के क्षेत्रों का रुख कर सकते हैं। होटल कारोबारियों के अनुसार, सुहावने मौसम और बर्फबारी की खबरों के चलते वीकेंड के लिए बुकिंग में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पर्यटन सीजन में बर्फबारी का यह शुरुआती दौर स्थानीय कारोबार के लिए राहत लेकर आ सकता है।
पुलिस की पर्यटकों से अपील
डीएसपी केलंग केडी शर्मा के अनुसार, फिलहाल दर्रों पर यातायात सुचारू है। उन्होंने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखकर ही दर्रे को पार करें तथा पुलिस की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में पर्यटकों को यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने, गर्म कपड़े साथ रखने और बर्फबारी के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।


