: की राजधानी में बाढ़ से हालात खराब हैं। शहर में पिछले 13 दिनों से बाढ़ का पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। 3 लाख से ज्यादा की आबादी इससे प्रभावित है। कई घर पानी में डूबे हैं। सड़कों पर नाव चल रही हैं। घरों में पानी भरने से लोगों का सामान और राशन खराब हो गया है। कई लोग अपने घर छोड़कर किराए पर रहने को मजबूर हैं।

फैजुल्लागंज में सबसे ज्यादा परेशानी
के फैजुल्लागंज में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। यहां 40 से 50 हजार से ज्यादा घरों का बड़ा हिस्सा गोमती नदी के पानी में डूबा हुआ है। घरों के आसपास और सड़कों पर पानी भरा है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर सड़क से आनेजाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
कारबाइक डूबीं, घरों में रखा राशन खराब
बाढ़ का पानी लोगों के घरों के साथ उनके सामान को भी नुकसान पहुंचा रहा है। घरों के बाहर खड़ी कारें और बाइकें पानी में डूबी हुई हैं। घरों में रखा राशन भी खराब हो गया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों के सामने खानेपीने और रहने की परेशानी खड़ी हो गई है। कई परिवार घर छोड़कर किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
नवरात्र के पहले दिन मंदिर में दर्शन नहीं
बाढ़ और जलभराव का असर धार्मिक स्थलों पर भी पड़ा है। पानी भरने के कारण मां चंद्रिका देवी धाम मंदिर बंद है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब नवरात्र के पहले दिन भक्त मां के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इससे मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है।
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गोमती नदी का वॉटर लेवल थोड़ा कम
में बाढ़ के बीच गोमती नदी का वॉटर लेवल थोड़ा कम हुआ है। गऊघाट पर गोमती का जलस्तर 108.54 मीटर दर्ज किया गया। एक दिन पहले ये 108.60 मीटर था। यानी एक दिन में जलस्तर में 6 सेंटीमीटर की कमी आई है। इसके बाद भी लखनऊ के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है।



