CJP Leaders Released: दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के तीन नेताओं को रिहा कर दिया गया। CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक, अभिजीत दीपके , सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया है।

BNSS की धारा 126/170 के तहत हुई थी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 10 अक्टूबर 2026 को BNSS की धारा 126/170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट स्थित एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।
50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरने पर रिहाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, कोर्ट में शांति बनाए रखने और एक साल तक अच्छे व्यवहार की शर्त पर 50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरा गया। इसके बाद एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा कर दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी की दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस
अभिजीत दीपके , सौरव दास और आशुतोष रांका रिहाई के बाद दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन से रवाना हो गए। इस दौरान तीनों नेताओं ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। वहीं, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कार के अंदर से जानकारी दी कि कॉकरोच जनता पार्टी दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी । इसमें पार्टी की ओर से आगे की रणनीति और हालिया घटनाक्रम पर जानकारी दिए जाने की संभावना है।
#WATCH | Delhi: CJP leaders Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka, and Saurav Das have been released after they were produced before the Executive Magistrate at Delhi Cantt Police Station.
CJP National Spokesperson Ashutosh Ranka says, “We will hold a press conference at 2 PM.” pic.twitter.com/v1lNTEbhp3
— ANI October 11, 2026
CJP नेताओं की रिहाई की शर्त, एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक, अभिजीत दीपके , सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त पर रिहा किया गया है। तीनों नेताओं को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद रिहा किया गया।
कॉकरोच जनता पार्टी ने रिहाई पर कहा कॉकरोच कभी नहीं मरते
कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने पोस्ट में कहा, “कॉकरोच कभी नहीं मरते।”
मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाओं पर रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में रविवार को विशेष सुनवाई प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को 45 मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए थे और करीब 250 ट्रेनें रद्द की गई थीं। याचिका में गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के चेयरपर्सन के खिलाफ अदालत के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश दिया था। अब इस मामले में अदालत क्या रुख अपनाती है, इस पर नजर रहेगी।
शनिवार को दिल्ली में क्या हुआ?
शनिवार को CJP के प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेडिंग और नाकेबंदी की गई थी। प्रदर्शनकारी छोटे समूहों में जंतरमंतर पहुंचने की कोशिश करते रहे, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार कोई भी समूह वहां तक नहीं पहुंच सका। पुलिस ने 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की बात कही। प्रदर्शन के दौरान दो स्थानों पर पथराव की खबर आई और सात पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 30,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और यातायात प्रतिबंधों की भी खबर सामने आई। रिपोर्ट में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाए जाने का भी उल्लेख है। प्रदर्शनकारियों, नेताओं, वकीलों और पत्रकारों की हिरासत को लेकर संयुक्त राष्ट्र की चिंता का भी जिक्र किया गया है।
दीपके, सौरभ और आशुतोष पुलिस स्टेशन से बाहर आए
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े मामले में अभिजीत दिपके , सौरव दास और आशुतोष रांका को राहत मिली है। तीनों को दिल्ली कैंट की ACM मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिहा कर दिया गया।
#WATCH | Delhi: CJP leaders Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka, and Saurav Das at Delhi Cantt Police Station after they were produced before the Executive Magistrate. pic.twitter.com/14nNpXvqvT
— ANI October 11, 2026
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने तीनों नेताओं की रिहाई की पुष्टि की है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शनिवार को प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद इन नेताओं को हिरासत में लिया गया था।



