शारदीय नवरात्रि का ये पावन पर्व सिर्फ धार्मिक मान्यताओं से नहीं बल्कि प्रकृति से भी जुड़ा है. ये सर्दी के आगमन के दिन माने जाते हैं और इसलिए हमारी सेहत के लिए भी बेहद जरूरी समय होता है. इस दौरान फलाहार और हल्केफुल्के सात्विक खाने पर रहना अच्छा माना जाता है. हालांकि कुछ कंडीशन में व्रत रखने से बचना चाहिए, क्योंकि ये कुछ घंटों का नहीं बल्कि 9 दिन की अवधि होती है. कुछ महिलाएं दोनों नवरात्रि के व्रत करती हैं और इसी वजह से वो चाहती हैं कि ये नियम टूटे नहीं, लेकिन क्या प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं व्रत रख सकती हैं. इस बारे में हमने एक्सपर्ट से बात की है.

आज यानी 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो चुका है. घटस्थापना के साथ ही ये 9 दिन का पर्व हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. ये शक्ति की आराधना का पर्व है, लेकिन शरीर को कष्ट देकर व्रत रखने के नियम नहीं बताए गए हैं. ऐसे में कहा जाता है कि जब आप सक्षम नहीं हैं तो व्रत नहीं रखने चाहिए. जान लेते हैं प्रेग्नेंसी में व्रत रखने से क्या हो सकता है.
प्रेग्नेंसी में व्रत पर एक्सपर्ट की राय
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मॉडल टाउन नई दिल्ली की डायरेक्टर एवं एचओडी, ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी डॉ. सोनल बाथला कहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान 9 दिनों तक व्रत रखना हर महिला के लिए सुरक्षित नहीं हैं.
प्रेग्नेंसी में ज्यादा पोषण की होती है जरूरत
डॉ. सोनल बाथला का कहना है कि प्रेग्नेंसी के समय शरीर को एक्स्ट्रा देखभाल चाहिए होती है, क्योंकि मां और बच्चे दोनों के लिए पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है. इसी के साथ भरपूर हाइड्रेशन भी बेहद जरूरी होता है ताकि शरीर में ऊर्ज बनी रहे. ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक व्रत या खानापानी बहुत कम करना ठीक नहीं रहता है.
डॉक्टर की सलाह और डाइट
एक्सपर्ट कहती हैं कि अगर गर्भवती महिला व्रत रखना चाहती हैं, तो उन्हें अपनी प्रेगनेंसी की स्थिति के मुताबिक इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. अगर व्रत रख भी रही हैं तो इस दौरान लंबे समय तक भूखा रहने से बचें. फलों से लेकर दूध, दही, पनीर, मेवे और दूसरे पौष्टिक व्रत वाले खाने को अपनी डाइट में शामिल करें. इसके अलावा पर्याप्त पानी पीते रहना भी बहुत जरूरी है.
सेहत का ध्यान रखना सबसे जरूरी
एक्सपर्ट कहती हैं कि सबसे जरूरी है कि आप अपनी सेहत को तरजीह दें. अगर आपको चक्कर, कमजोरी, उल्टी, घबराहट या ज्यादा थकान महसूस हो तो व्रत जारी न रखें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में सबसे जरूरी है कि इस दौरान मां और बच्चे की सेहत का ध्यान रखा जाए, नहीं तो प्रेग्नेंसी में आपको क्रिटिकल सिचुएशन फेस करनी पड़ सकती है.



