उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जहां एक तरफ सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हुए हैं, तो दूसरी तरफ बयानबाजी भी तेज हो गई है. इस बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के ‘चवन्नी को रुपया बना दिया’ वाले बयान पर सूबे की सियासत गरमा गई है. वहीं अब राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी ने सपा प्रमुख के इस सियासी हमले का जवाब दिया है.

जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, ‘सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते, कोई बात नहीं थी. जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?. मैं इस अहंकार को देख चुका हूं करीब से और मानता हूं ऐसा आचरण सिर्फ़ पतन लाता है!’.

सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते,
कोई बात नहीं थी

जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?

मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से और मानता हूँ ऐसा आचरण सिर्फ़ पतन लाता है!

— Jayant Singh August 21, 2026

मायावती ने अखिलेश को घेरा

वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने भी इस मुद्दे को लेकर सपा को घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, ‘जैसा कि सर्वविदित है कि सपा प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केंद्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अतिशर्मनाक है और इस प्रकार की अहंकारी व अलोकतांत्रिक बयानबाज़ी के लिये उन्हें उस पार्टी से व उनके नेता से ही नहीं बल्कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के परिवार का अपमान करने हेतु पूरे जाट समाज से भी अविलम्ब माफी मांगनी चाहिए तो यह उचित होगा’.

सपा पर बरसीं मायावती

मायावती ने आगे कहा ‘वैसे देश की राजनीति में सपा का चाल, चरित्र और चेहरा अपने विरोधी पार्टियों के लिए ही नहीं बल्कि अपने सहयोगियों के लिए भी हमेशा से राजनीतिक संकीर्णता एवं जातिवादी द्वेष आदि से ग्रसित ज्यादातर अप्रिय और अविश्वसनीय ही रहा है, जिस कारण इसका राजनीतिक एवं चुनावी लाभ भी अक्सर मौक़ों पर बीजेपी ही उठाती रही है और सेक्युलर ताक़तें कमज़ोर होती रहीं हैं’

उन्होंने कहा कि ‘इस पार्टी के इसी प्रकार के अतिअहंकारी स्वाभाव के कारण पहले सन् 1993 में, यूपी में मुलायम सिंह यादव के साथ सपा और बसपा का बना गठबंधन जल्दी ही टूट गया, जिसके कारण 2 जून 1995 को मेरी हत्या करने के साजिश के तहत मेरे खिलाफ कुख्यात लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ.

1. जैसाकि सर्वविदित है कि समाजवादी पार्टी प्रमुख द्वारा अपनी पुरानी सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल व उस पार्टी के नेता केन्द्रीय मंत्री के बारे में यह सार्वजनिक बयान देना कि हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया है, यह कहना पूर्णतः अमर्यादित, अशोभनीय व अतिशर्मनाक है तथा इस

— Mayawati August 22, 2026

‘गिरगिट की तरह रंग बदली है सपा’

मायावती ने अखिलेश यादव पर भी इन्हीं गलतियों को दोहराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भले बाद में सपाबसपा गठबंधन हुआ हो लेकिन अखिलेश ने भी अहंकारी रवैया अपनाया. उन्होंने कहा कि ‘अब संक्षेप में यही कहना है कि यह पार्टी गठबंधन के मामले में केवल अपना काम निकालना जानती है और अपना काम निकलते ही फिर यह पार्टी गिरगिट की तरह अपना रंग बदल लेती है साथ ही दूसरी पार्टी के बारे में अनापशनाप भाषा का इस्तेमाल करती है, जो कि सपा का पुराना रवैया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में सर्व समाज के लोग सपा की संकीर्ण व जातिवादी राजनीति से ज़रूर सावधान रहें’.

इसके साथ ही बीएसपी प्रमुख ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपने PDA में से P को कभी पिछड़ा वर्ग, तो कभी P को पण्डितों का हितकारी बता देते हैं, जबकि इनके बारे में सच्चाई तो यह है कि वे पिछड़े वर्गों में अपनी ख़ुद की जाति के अलावा बाकी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों एवं अपर कास्ट समाज में से खासकर ब्राह्मण समाज के भी क़तई हितैषी नहीं रहे हैं’.

अखिलेश ने क्या कहा था

दरअसल एक रैली के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि गठबंधन में कैसेकैसे साथी हमारे साथ आए. हमने जिन लोगों को चवन्नी से रुपया बनाया, वो भी साथ छोड़कर चले गए. वहीं जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए उन पर जाट समाज को अपमानित करने का आरोप लगाया है..