शाहीन भट्ट एक राइटर होने के साथ ही कलाकार भी हैं. उन्होंने ‘फिजियोलॉजिकल साइ’ के बारे में बताया है. ये सांस लेने की एक ऐसी खास तकनीक है जो आपको एंग्जायटी होने पर रात दिलाने में काफी कारगर होती है. उन्होंने इसे शेयर करते हुए इसके बारे में डिटेल शेयर की हैं और इसे वीडियो में खुद करके भी बताया है, कि किस तरह से सांस को खीचना है, होल्ड करना है और छोड़ना है.

इस सांस लेने के तरीकों को कम से कम 4 से 5 बार दोहराने से आपको घबराहट, बेचैनी, पैनिक, ज्यादा स्ट्रेस जैसे लक्षणों में राहत महसूस होती है. दरअसल शाहीन भट्ट ने जो तकनीक बताई है. इसे न्यूरो साइंटिस्ट एंड्रयू ह्यूबर्मन ने बताया था. चलिए जान लेते हैं इस बारे में.
शाहीन भट्ट ने शेयर की पोस्ट
अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शाहीन भट्ट ने ये पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “जब आपके दिमाग में एक साथ 47 टैब खुले हो तो उसे समझाने की कोशिश करना किसी छोटे बच्चे को मनाने जैसा लग सकता है. कभीकभी बेहतर तरीका ये होता है कि आप अपने शरीर से शुरुआत करें.”
इसके आगे उन्होंने लिखा, ” ‘फिजियोलॉजिकल साइ’ आपको ध्यान केंद्रित करने के लिए एक ठोस चीज देती है, खासकर तब जब आप घबराहट या बेचैनी के दौर से गुजर रहे हों, ऐसे समय में “बस शांत हो जाओ” जैसी सलाह सबसे बेकार लगती है.इसे अगली मीटिंग, सफ़र, अजीब बातचीत या रात के 2 बजे अचानक होने वाली घबराहट के समय के लिए याद रखें.”
सांस लेने का तरीका बताया
शाहीन भट्ट ने वीडियो में ‘फिजियोलॉजिकल साइ’ करने का तरीका बताते हुए कहा, “यह कुछ ऐसा होता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पहले लंबी सांस अंदर लेना, फिर ऊपर की तरफ एक छोटी और तेज सांस खींचना और आखिर में मुंह से लंबी सांस बाहर छोड़ना.” उन्होंने इसे लगभग चार या पांच बार करने और घबराहट, पैनिक या बहुत ज्यादा तनाव महसूस होने पर इस तकनीक को करने की सलाह दी है.
View this post on Instagram
सांस लेने से तनाव कम होना
अक्सर स्ट्रेस दूर करने के लिए गहरी सांस लेने की सलाह दी जाती है और मेडिटेशन, प्राणायाम आदि करने को कहा जाता है. दरअसल इनपर कई रिसर्च भी की गई हैं, जिनमें पाया गया है कि ब्रीदिंग टेक्निक्स को अपनाने से स्ट्रेस से राहत पाने में मदद मिलती है. वहीं योग में प्राणायाम का बहुत महत्व बताया गया है जो आपके अंदरूनी अंगों के साथ ही नर्वस सिस्टम को सही रखने में भी हेल्पफुल होते हैं.



