ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला पदम गांव में 17 अक्टूबर को महेश, उसकी पत्नी ललिता और उनके तीन बच्चों के शव मिलने के बाद से ही पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच के दौरान सामने आई आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग में परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद और ऑनलाइन सोडियम नाइट्रेट मांगे जाने की जानकारी ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है. पुलिस अब इन सभी बिंदुओं की अलगअलग जांच कर रही है, ताकि मौतों से पहले की परिस्थितियों और वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके. हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जांच में अब तक सामने आया है कि प्रॉपर्टी बेटियों के नाम किए जाने से महेश आहत था.

आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग में बहनजीजा का जिक्र

पुलिस की जांच में सामने आया है कि महेश ने करीब 20 दिनों के दौरान आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग की थीं और उन्हें अपने दूसरे मोबाइल फोन पर भेजा था. इन रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर उसने अपनी बहन और जीजा पर आरोप लगाए. हालांकि, किसी भी रिकॉर्डिंग में उसने अपनी मां चंद्रावती को जिम्मेदार नहीं ठहराया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। रिकॉर्डिंग में किन परिस्थितियों में ये बातें कही गईं, महेश किस बात को लेकर नाराज था और उसकी बहनजीजा के साथ किस तरह का विवाद चल रहा था, ये सभी बिंदु जांच का हिस्सा हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिकॉर्डिंग में मां का नाम नहीं आने का क्या कारण था. यह पहलू भी महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि ग्रामीणों के मुताबिक, चंद्रावती ने संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम की थी.

मां ने बड़ी बेटी के नाम किया था मकान

पांचों की मौत के मामले में संपत्ति विवाद का पहलू भी सबसे पहले सामने आया. महेश गांव की जमीन के मुआवजे और दिल्ली स्थित पुराने पुश्तैनी मकान को लेकर परेशान था. वह अपने परिवार के साथ इसी मकान में रहता था. उसकी मां चंद्रावती ने 18 अगस्त 2025 को यह मकान अपनी बड़ी बेटी सुनीता के नाम कर दिया था. इसी बात को लेकर महेश अपनी मां से नाराज था. इससे पहले भी उसने अपनी मां से आत्महत्या करने की बात कही थी.

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने महेश, ललिता और उनके तीनों बच्चों की मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पांचों शवों का विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए गाजियाबाद की प्रयोगशाला भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं और कौनसा रसायन उनकी मौत का कारण बना.

आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही पुलिस

ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार ने बताया कि पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मृतक महेश का मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है. उसमें मौजूद आठ ऑडियो रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन खरीदारी और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. वहीं, महेश के ट्रेडिंग से जुड़े कामकाज और अन्य डिजिटल जानकारी को भी जांच में शामिल किया गया है. इन साक्ष्यों का आपस में मिलान करने के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.