तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में बंदरों के झुंड से डरकर भाग रहे 12 साल के एक बच्चे की मौत हो गई. घटना शुक्रवार को नडिगुडे़म मंडल के वल्लापुरम गांव में हुई. बच्चा अपने एक दोस्त के साथ तालाब में मछली पकड़ने जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में अचानक बंदरों का झुंड आ गया. बंदरों को अपनी ओर आता देखकर दोनों बच्चे घबरा गए और जान बचाने के लिए भागने लगे. इसी दौरान 12 साल का निशांत जमीन पर गिर पड़ा. उसका दोस्त कुछ दूरी पर था. उसने जोरजोर से आवाज लगाई, जिसके बाद बंदर वहां से चले गए. जब दोस्त ने पास जाकर देखा तो निशांत बेहोश पड़ा था.

जानकारी के मुताबिक, वल्लापुरम गांव के रहने वाले मोक्का वीरबाबू का 12 साल का बेटा निशांत और सतीश का 11 साल का बेटा मणेंदर शुक्रवार को गांव के तालाब में मछली पकड़ने के लिए निकले थे. दोनों बच्चे रास्ते से गुजर रहे थे, तभी अचानक बंदरों का एक झुंड उनकी ओर दौड़ पड़ा.
बंदरों को अपनी तरफ आते देखकर दोनों बच्चे बुरी तरह डर गए. उन्होंने वहां से भागने की कोशिश की. इसी दौरान निशांत लड़खड़ाकर जमीन पर गिर गया. उसका दोस्त मणेंदर कुछ दूरी पर था. उसने निशांत को गिरते देखा तो जोरजोर से चिल्लाने लगा. बच्चे की आवाज सुनकर बंदर वहां से चले गए.
बेहोशी की हालत में मिला निशांत
बंदरों के वहां से जाने के बाद मणेंदर निशांत के पास पहुंचा. उसने देखा कि निशांत जमीन पर बेहोश पड़ा था. वह उसे आवाज देने लगा, लेकिन बच्चे की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
इसी दौरान वहां से गुजर रहे दो युवकों की नजर निशांत पर पड़ी. उन्होंने बच्चे को इस हालत में देखा तो तुरंत मदद के लिए आगे आए. दोनों युवक उसे बाइक से नजदीकी आरएमपी डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे. हालांकि, डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे. इसके बाद उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा को फोन कर घटना की जानकारी दी.
एंबुलेंस पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत
निशांत को इलाज के लिए खम्मम के सरकारी अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई. इसी दौरान वाहन पेरिका सिंगारम पुल के पास पहुंचा, तभी 108 एंबुलेंस वहां आ गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एंबुलेंस के कर्मचारियों ने बच्चे की जांच की. जांच के बाद उन्होंने निशांत को मृत घोषित कर दिया.
इसके बाद बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए कुसुमंची प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालांकि, शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गिरने के बाद बच्चे की मौत किस वजह से हुई. बंदरों के डर से भागते समय गिरना घटना का अहम हिस्सा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
बच्चे की मौत से परिवार में मातम
12 साल के निशांत की मौत की खबर मिलते ही वल्लापुरम गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिवार के लोगों का रोरोकर बुरा हाल है. जिस बच्चे के तालाब से लौटने का इंतजार था, उसकी मौत की खबर से परिजन सदमे में हैं.
घटना के बाद गांव में भी मातम पसरा हुआ है. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बच्चे की मौत के कारणों का पता चल सकेगा.



