शेयर बाजार में इन दिनों एक नाम हर निवेशक की जुबान पर है इंडोएमआईएम . अगर आपने भी इस आईपीओ में दांव लगाया है या लगाने की सोच रहे थे, तो बाजार से आ रहे ताज़ा आंकड़े आपको रोमांचित कर सकते हैं. 27 जुलाई को बंद हुए इस आईपीओ को निवेशकों का ऐसा छप्परफाड़ रिस्पॉन्स मिला है कि शेयर अलॉट होने से पहले ही इसकी कीमत ग्रे मार्केट में रॉकेट की तरह भाग रही है. ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि क्या लिस्टिंग वाले दिन सच में ताबड़तोड़ कमाई होने वाली है?

पैसों की बारिश, 72 गुना से ज्यादा भर गया इश्यू

इंडोएमआईएम ने बाजार से 3,811 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, जिसके लिए शेयरों का प्राइस बैंड 461 से 485 रुपये के बीच तय किया गया. इस इश्यू को लेकर निवेशकों में गजब की दीवानगी दिखी. बोली के आखिरी दिन तक यह आईपीओ कुल 72.23 गुना सब्सक्राइब हो गया. सबसे ज्यादा दिलचस्पी बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाई, जिनका कोटा 204.34 गुना भर गया. वहीं, बड़े निवेशकों का हिस्सा 50.57 गुना और आम रिटेल निवेशकों का हिस्सा 6.48 गुना भरा है. यह आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि बाजार को इस कंपनी के भविष्य पर बहुत ज्यादा भरोसा है.

अलॉटमेंट से पहले ही मुनाफे का दमदार संकेत

अब बात करते हैं उस आंकड़े की जिस पर हर निवेशक की पैनी नजर होती है ग्रे मार्केट प्रीमियम . बाजार के जानकारों के मुताबिक, इंडोएमआईएम का शेयर आज ग्रे मार्केट में 190 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है. पिछले कुछ दिनों में यह प्रीमियम 166 रुपये से छलांग लगाकर 190 रुपये तक पहुंच गया है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर शेयर 485 रुपये के ऊपरी बैंड पर अलॉट होता है, तो 190 रुपये के प्रीमियम के साथ इसकी लिस्टिंग काफी ऊंचे भाव पर हो सकती है. यानी, जिन निवेशकों को यह शेयर अलॉट होगा, उन्हें लिस्टिंग वाले दिन ही एक मोटा मुनाफा मिलने की पूरी उम्मीद है.

क्या कहते हैं बाजार के दिग्गज?

सिर्फ आम निवेशक ही नहीं, बल्कि बड़ेबड़े ब्रोकर्स भी इस कंपनी की प्रोफाइल से खासे प्रभावित हैं. केसी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट महेश एम. ओझा के मुताबिक, यह कंपनी मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडर है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि भारतीय शेयर बाजार में इसके टक्कर की कोई दूसरी लिस्टेड कंपनी मौजूद नहीं है. आनंद राठी, बीकन कैपिटल और स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस ने भी इस आईपीओ में निवेश करने की साफ वकालत की है. जानकारों का मानना है कि ‘चाइना प्लस वन’ नीति और भारत में तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का इसे सीधा और लंबा फायदा मिलेगा.

कब होगा फैसला, किसके खाते में आएंगे शेयर?

अब जब निवेशकों ने अपना पैसा लगा दिया है, तो हर किसी को इंतजार है अलॉटमेंट का. संभावित रूप से 28 जुलाई 2026 को यह तय हो जाएगा कि किसके डीमैट खाते में शेयर आए और किसे निराशा हाथ लगी. जिन भाग्यशाली निवेशकों को शेयर अलॉट होंगे, वो 30 जुलाई 2026 को शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग का जश्न मना सकेंगे.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.