Will Rules in India: लोग अक्सर अपनी वसीयत नहीं बनाते। वो सोचते हैं कि जब उनके बच्चे अलगअलग होंगे या जब उन्हें कुछ हो जाएगा। तब वो अपनी वसीयत बनाएंगे। लेकिन कोई यह नहीं समझता की किसी अनहोनी की तारीख तय नहीं होती है। आजकल तो हार्टअटैक, एक्सीडेंट जैसे हादसों से व्यक्ति की अचानक मौत हो जाती है। इसके बाद कई परिवारों में जायदाद को लेकर विवाद होने लगते हैं और परिवार बिखर जाता है। ऐसे में वसीयत बनावाकर रख लेना चाहिए, जिससे आगे परिवार में किसी प्रकार का कलह न हो। आइए जाने क्यों और कैसे बना सकते हैं वसीयत।

Will बनाना क्यों है जरुरी?
आज के दौर में कब क्या होगा, कुछ तय नहीं होता है। किसी के साथ भी अचानक कोई भी हादसा हो सकता है, जिसके बाद परिवार में जमीनजायदाद को लेकर विवाद हो सकता है। ऐसे में वसीयत बनाकर रखना जरुरी होता है।
बता दें कि, वसीयत यानी Will एक कानूनी घोषणा है, जिसमें व्यक्ति अपनी मौत के बाद अपनी संपत्ति के किसे देना चाहते हैं या पैसा कहां लगाना चाहते हैं। इसका विवरण दिया रहता हैं। इसका भारतीय कानून में वसीयत से जुड़े प्रावधान मुख्य रूप से , 1925 में मिलते हैं।
Will में क्या होता है विवरण
वसीयत बनाने के लिए आपको पहले अपनी संपत्ति की पूरी लिस्ट बना लें। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आपके पास घर, जमीन, म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसी, बैंक अकाउंट, FD, शेयर, सोना और दूसरी महत्वपूर्ण संपत्ति कितनी हैं इससे जुड़े दस्तावेज या अकाउंट की जानकारी रखें।
साथ ही वसीयत में साफसाफ लिखें कि आपको संपत्ति किसे देनी है। उसका वारिस कौन होगा। अगर दान करना चाहते हैं तो वो भी वसीयत में लिखें।
Will बनाने की पूरी प्रोसेस
वसीयत बनाने की पूरी कानूनी और सरल प्रक्रिया यह है कि आप अपनी संपत्ति के बंटवारे को स्पष्ट रूप से सादे कागज पर लिखकर दो गवाहों के सामने हस्ताक्षर करें।
1. वसीयतकर्ता का अपना पूरा नाम, उम्र, पता और पहचान पत्र लिखें तथा स्पष्ट करें कि आप स्वस्थ मस्तिष्क से अपनी इच्छा से लिख रहे हैं।।
2. वसीयत हमेशा लिखित रूप में होनी चाहिए, जिसके लिए किसी महंगे स्टाम्प पेपर की कानूनी अनिवार्यता नहीं है; इसे सादे कागज पर भी लिखा जा सकता है।
3. अपनी सभी चल और अचल संपत्तियों की स्पष्ट सूची बनाएं।
4. साफ शब्दों में लिखें कि कौन सी संपत्ति किस व्यक्ति या उत्तराधिकारी को मिलेगी।
5. वसीयत में एक भरोसेमंद निष्पादक का नाम नियुक्त करें जो आपकी मृत्यु के बाद वसीयत के अनुसार संपत्ति का बंटवारा सुनिश्चित करेगा।
6. वसीयत के अंत में अपने हस्ताक्षर करें या अंगूठे का निशान लगाएं।
7. कम से कम दो गवाहों का होना अनिवार्य है, जो आपके सामने और आपकी मौजूदगी में हस्ताक्षर करें। ध्यान रहे कि गवाह वसीयत के लाभार्थी नहीं होने चाहिए।
Will का रजिस्ट्रेशन और खर्च
वसीयत का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होता लेकिन फिर भी कुछ लोग रजिस्टर कराते है, जिससे दस्तावेज का आधिकारिक रिकॉर्ड रहे इसके लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज की जरुरत पड़ती है। वसीयत को SubRegistrar के कार्यालय में रजिस्टर कराया जा सकता है. लेकिन प्रक्रिया, दस्तावेज और फीस राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
बता दें कि, इसकी शुल्क निर्धारित नहीं है। लेकिन जिस्टर कराते हैं तो संबंधित राज्य की रजिस्ट्रेशन फीस हो सकती है। वकील का चार्ज, स्टाम्प का खर्च को मिलाकर करीब 35 हजार तक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।



