दिल्ली के कोतवाली थाना क्षेत्र में 15 साल पहले हुए एक ज्वैलरी फ्राड के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले दोनों सगे भाइयों को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों को जरूरी पूछताछ के बाद अदालत में पेश किया, जहां इन्हें जेल भेज दिया गया है. आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले पिंटू कोले और मिंटू कोले के रूप में हुई है.

पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों पर साल 2011 में मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी. ऐसे में पुलिस ने साल 2012 में दोनों पर 1010 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. पुलिस के मुताबिक दोनों भाई पेशे से ज्वेलरी मेकर और डिजाइनर हैं. ये पहले बंगाल में ही ज्वैलरी डिजाइनिंग का काम सीखे और फिर 2009 में दिल्ली आ गए. यहां आरोपियों एक बड़े ज्वैलर्स के साथ काम करके उनका भरोसा जीत लिया.
मौका देखकर ले भागे डेढ़ किलो सोना
आरोप है कि ज्वैलर्स का भरोसा जीतने के बाद आरोपी एक दिन मौका देखकर 1430 ग्राम सोना और 560 कैरेट हीरा लेकर फरार हो गए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उसके बाद से आरोपी बंगाल चले गए और दोबारा दिल्ली नहीं लौटे. इधर, आरोपियों की गिरफ्तारी ना होने की वजह से कोर्ट ने इन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए पुलिस को इन्हें हर हाल में उठाकर लाने के आदेश दिए थे. कोर्ट के आदेश पर पुलिस उसी समय से आरोपियों की तलाश कर रही थी.
ऐसे हुई गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपियों के बारे में सूचना मिली. बताया गया कि दोनों आरोपी हुगली पश्चिम बंगाल में रह रहे हैं. इस सूचना पर दिल्ली पुलिस की टीम बंगाल पहुंची और लोकल वेरिफिकेशन करते हुए उन्हें धर दबोचा. फरारी के दौरान दोनों आरोपी हुगली में लोप्रोफाइल रहकर कोलकाता और हुगली के ज्वैलर्स के लिए ज्वेलरी बना रहे थे.



