Saturday, February 14, 2026
Gazab

गधी काˈ दूध क्यों बिकता है 7000 रुपये लीटर? वजह जानकर रह जाएंगे हैरानˌ

गधी काˈ दूध क्यों बिकता है 7000 रुपये लीटर? वजह जानकर रह जाएंगे हैरानˌ
गधी काˈ दूध क्यों बिकता है 7000 रुपये लीटर? वजह जानकर रह जाएंगे हैरानˌ

नेशनल डेस्क : आज मिल्क डे है, और इस मौके पर हम आपको दूध से जुड़ी एक ऐसी रोचक जानकारी बता रहे हैं, जिसे शायद आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। आमतौर पर घरों में गाय या भैंस का दूध ही पीया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा जानवर भी है जिसका दूध 7000 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है?

यह जानवर है गधी, जिसे आमतौर पर बोझा ढोने के लिए जाना जाता है। ऐसे तो इसे बहुत उपयोगी नहीं माना जाता, लेकिन इसके बावजूद इसका दूध इतना महंगा क्यों बिकता है, इसके पीछे बड़ी वजहें हैं।

गधी के दूध की खासियत यही है कि इसका उपयोग ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने में किया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गधी के दूध में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो त्वचा की सुंदरता बढ़ाने में मदद करते हैं। इसी कारण ब्यूटी इंडस्ट्री इससे बने प्रोडक्ट्स की बड़ी मात्रा में मांग करती है और इसे अपने खास उत्पादों में शामिल करती है।

तेजी से बढ़ रहा डिमांड अब बात करते हैं इस कारोबार की। गधी के दूध की डिमांड दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है। इसके एक लीटर की कीमत 5000 से 7000 रुपये तक पहुंच चुकी है। शहरी इलाकों, खासकर बेंगलुरू और हैदराबाद जैसे आईटी हब में इसकी मांग काफी अधिक है। गधी का दूध बेचकर अच्छी कमाई की जा सकती है, लेकिन इसकी प्रोसेसिंग के बाद कीमत कई गुना बढ़ जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गधी के दूध से बना पनीर 65,000 रुपये प्रति किलो तक बिक सकता है, जबकि इसके दूध का पाउडर 1 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाता है।

कहां होता है इस्तेमाल जहां तक इसके उपयोग की बात है, तो ब्यूटी प्रोडक्ट्स के अलावा भी गधी के दूध के कई फायदे बताए जाते हैं। इसमें प्रोटीन और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो पेट में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाकर पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा जो लोग लैक्टोज इनटॉलेरेंस की समस्या के कारण गाय या भैंस का दूध नहीं पी पाते, वे इसका सेवन कर सकते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसमें ऐसे पोषक तत्व मौजूद रहते हैं जो ब्लड शुगर, ब्लड सर्कुलेशन और शरीर में सूजन जैसी समस्याओं को कम करने में भी सहायक माने जाते हैं।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply