
कहते हैं कि गुरु का दर्जा माता-पिता से भी ऊपर होता है. लेकिन यमुनानगर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इस पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है. शिक्षा के मंदिर में परीक्षा देने आई छात्राओं के साथ एक कलयुगी शिक्षक ने ऐसी हरकत की, जिससे मानवता शर्मसार हो गई. यमुनानगर के मॉडल कॉलोनी स्थित सरकारी स्कूल में दसवीं की परीक्षा के दौरान एक अध्यापक ने सात छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की.
यमुनानगर के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मॉडल कॉलोनी में सोमवार को माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब दसवीं कक्षा का आखिरी सोशल साइंस का पेपर देने आई छात्राओं ने एक अध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए. दोपहर 12:30 से 3:30 बजे के बीच, जब छात्राएं अपने भविष्य की इबारत लिख रही थीं, तब ड्यूटी पर तैनात एक शिक्षक ने अपनी मर्यादा भूलकर सात छात्राओं के साथ बैड टच और अश्लील हरकतें कीं, परीक्षा खत्म होते ही जब डरी-सहमी छात्राओं ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, तो परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया.
पीड़ित छात्रा के अभिभावक ने बताया- हम अपनी बेटियों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं कि वहां वे सुरक्षित हैं. अगर स्कूल के अंदर, परीक्षा देते समय भी हमारी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं, तो हम उन्हें कहां भेजें? उस टीचर ने एक नहीं, सात लड़कियों के साथ बदतमीजी की है. हमें इंसाफ चाहिए और इस दरिंदे को ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए कि कोई दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न करे.
पुलिस प्रशासन से मांग
स्थानीय एमसी संदीप धीमान ने मामले में कहा- यह घटना बेहद निंदनीय है. स्कूल को हम शिक्षा का मंदिर मानते हैं, लेकिन आज इस हरकत ने पूरे शहर को शर्मिंदा कर दिया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हमने पुलिस प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि जांच में कोई ढील न बरती जाए और आरोपी अध्यापक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए.
क्या बोलीं एसएचओ?
एसएचओ शीलावंती ने कहा- हमें कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि मॉडल कॉलोनी स्कूल में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हुई है. हमने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अध्यापक को हिरासत में ले लिया है. छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. कानून अपना काम कर रहा है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के चयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है, लेकिन यमुनानगर की इस घटना ने हर माता-पिता के मन में एक डर पैदा कर दिया है.
(यमुनानगर से तिलक भारद्वाज की रिपोर्ट)


