Indian Railways: भारत में रोजाना करोड़ों की संख्या में लोग ट्रेन से सफर करते हैं. इस दौरान अक्सर यात्रियों का ट्रेनों और स्टेशनों पर सामान छूट जाया करता है. भारतीय रेलवे के अनुसार, यात्रा के दौरान पिछले तीन सालों में यात्रियों का 1.18 लाख से अधिक का किमती सामान ट्रेनों और स्टेशनों पर छूटा. रेलवे की ओर से दावा किया गया है कि इसमें से 98 प्रतिशत सामान उनके मालिकों तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया.

रेलवे का दावा है कि रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता के कारण ये मुमकिन हो पाया है. ये उपलब्धि सिर्फ एक प्रशासनिक आंकड़े की सफलता नहीं, बल्कि उन हजार परिवारों के लिए राहत की बात है, जिनकी जिंदगी भर की कमाई, अहम दस्तावेज, लैपटॉप और फोन जौसी बहुमूल्य डिजिटल डेटा उनके पाकस सुरक्षित पहुंच गया.
रेल मंत्रालय के अनुसार…
रेल मंत्रालय के अनुसार, साल, 2023, 2024 और 2025 में यात्रियों ने कुल 1, 18, 677 ट्रेनों या स्टेशनों पर छोड़ा, जिसे रेलवे ने बरामद किया. इसमें से 1, 1,16, 901 चीजें जांच के बाद सही दावेदारों तक पहुंचाने में सफलता मिली है. हर दिन यात्री औसतन 108 चीजें ट्रेनों और स्टेशनों पर छोड़ते हैं, जिसमें से करीब 107 रोजाना उनके मालिकों को वापस पहुंचा दी जाती हैं.
आरपीएएफ, ट्रेन के स्टाफ, स्टेशन मास्टर, टीटीई और रखरखाव डीपो के कर्मचारी को किसी भी पाए गए सामान को पास के आरपीएफ पोस्ट या स्टेशन मास्टर को तूरंत सौंपने के लिए कहा गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फिर उन सामानों की सूची खोई संपत्ति में रजिस्टर की जाती है. अगर तीन माह तक कोई वस्तुओं का दावा नहीं करता है, तो रेलवे उनकी निलामी करवा देता है.
रेल मदद पोर्टल पर कर सकते हैं शिकायत
इसके लिए कम से कम सात दिन पहले विज्ञापन या सार्वजनिक सूचना जारी की जाती है. ऐसा सामान के असली मालिक को आखिरी मौका देने के लिए किया जाता है. अगर आपका सामान ट्रेन या स्टेशन पर छूट जाए तो आप तुरंत रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या 139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं. रेलवे सोशल मीडिया के माध्यम से भी यात्रियों से संपर्क साधता है.


