बांग्लादेश के नए कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने 13 देशों के शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया है। इनमें भारत भी एक है। बाकी देशों में चीन, सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रूनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह 17 तारीख को आयोजित होना है। ढाका में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा बल्कि इसे नई सरकार के अंतरराष्ट्रीय संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। खासकर भारत और चीन दोनों को निमंत्रण भेजना क्षेत्रीय संतुलन की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन असल सवाल है कि क्या पीएम मोदी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे?
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बीएनपी यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है और पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान देश के नए प्रधानमंत्री बनेंगे। ध्यान रहे शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद भारत ने बीएनपी के साथ संवाद के रास्ते खोले हैं। बीएनपी की जीत पर बधाई देने वाले शुरुआती नेताओं में पीएम मोदी रहे हैं। तारिक रहमान ने भी भारत के साथ बहुआयामी रिश्ते को मजबूत करने पर जोर दिया है। साथ ही बीएनपी ने अपनी चुनावी अभियान में सभी से मित्रता की नीति का वादा किया था। लेकिन अब इस समारोह में पीएम मोदी का जाना संदिग्ध लग रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ऐसा कोई संकेत फिलहाल नहीं दिया गया है।
संदेह की वजह भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी वह शेड्यूल है जिसके मुताबिक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रो 16 फरवरी से भारत की चार दिन यात्रा पर आ रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 16 फरवरी की देर रात मैक्रो दिल्ली पहुंच रहे हैं, और 17 फरवरी को मुंबई में उनका कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में मैक्रो के साथ होंगे, जहां राजभवन के दरबार हॉल में एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे और प्रेस बयान जारी किया जाएगा। क्रो का दौरा 19 फरवरी तक रहने वाला है और वे 19 की शाम टेररिस के लिए रवाना होंगे। इसलिए यह कयास लगाया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय दौरे की व्यस्तता के चलते पीएम मोदी शायद ही तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में जा पाएं।



