
Apple 50 Years Anniversary: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Apple 1 अप्रैल 2026 को अपने 50 साल पूरे कर चुकी है. एक छोटे से गैरेज से शुरू हुआ यह सफर आज ज्यादातर लोगों के हाथ तक iPhone पहुंच चुका है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस कटे हुए सेब को हम स्टेटस सिंबल मानते हैं वह आखिर अधूरा क्यों है? 1976 में न्यूटन की तस्वीर से शुरू हुआ यह लोगो आज मॉडर्न डिजाइन की मिसाल है. आइए जानते हैं इसके पीछे की कहानी…
Apple Logo History: आज के दौर में iPhone की लोकप्रियता इतनी ज्यादा हो गई है कि शायद ही ऐसा कोई हो जो इसके बारे में न जानता हो. छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई समझता है कि iPhone किस कंपनी का है. भले ही किसी को कंपनी का नाम तुरंत याद न आए लेकिन उसका लोगो देखते ही लोग पहचान जाते हैं कि यह उसी ब्रांड का है. आज के दौर में एप्पल का लोगो सिर्फ एक ब्रांड की पहचान नहीं, बल्कि स्टाइल और स्टेटस का सिंबल बन चुका है. एप्पल के इस कामयाबी तक पहुंचने के पीछे एक दो नहीं पूरे 50 साल की कहानी है.
1 अप्रैल 2026 को अपने शुरुआत के 50 वर्ष पूरे करने वाली कंपनी के फीचर्स, प्राइवेसी से लेकर लोगों तक सभी में कुछ न कुछ कारण छिपा है. ऐसे में दुनियाभर के करोड़ों iPhones, MacBooks और iPads पर दिखने वाला आधा कटा हुआ एप्पल का लोगो अक्सर लोगों के मन में सवाल पैदा करता है. आखिर एप्पल ने अपने लोगो के लिए एक पूरा सेब क्यों नहीं चुना? क्या इसके पीछे कोई राज है या सिर्फ एक डिजाइन की कलाकारी?
न्यूटन से आधुनिक एप्पल तक का सफर
एप्पल की शुरुआत 50 साल पहले यानी 1976 में हुई थी, लेकिन तब इसका लोगो आज के एप्पल के लोगो के जैसा बिलकुल नहीं था. पहले लोगो में सर आइजैक न्यूटन को एक सेब के पेड़ के नीचे बैठे दिखाया गया था. लेकिन यह लोगो की डिजाइन काफी ज्यादा कठिन थी, जिसे 1977 में डिजाइनर रॉब जेनोफ ने बदलकर एक सरल और आज के एप्पल का रूप दे दिया जिसमें एक तरफ से बाइट ली गई थी.
डिजाइन के पीछे का कारण
एप्पल के नए लोगो में कट होने का सबसे बड़ा कारण व्यवहारिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ था. डिजाइनर का मानना था कि अगर सेब पूरा गोल होता तो दूर से देखने पर लोग इसे चेरी, टमाटर या कोई दूसरा फल समझ सकते थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सेब के आकार को साफ-साफ पहचान देने के लिए उसमें बाइट का निशान लाया गया जिससे पहली ही नजर में यह एप्पल दिखाई दे.
किसने डिजाइन किया कटा हुआ सेब वाला लोगो?
एप्पल के फाउंडर्स स्टीव जॉब्स और स्टीव वोजनियाक ने सोचा कि अपनी कंपनी को एक मॉडर्न और लोगों को आसानी से पहचान पाने के लिए नया लोगो बनाना जरूरी समझा. इसके लिए जॉब्स ने ग्राफिक डिजाइनर रॉब जैनोफ को चुना. मात्र दो हफ्तों के अंदर लोगो बनकर तैयार हो गया और 1977 में जब एप्पल ने अपना पहला पर्सनल कंप्यूटर Apple II मार्केट में लॉन्च किया तो उसी पर ये नया लोगो पहली बार दुनिया के सामने आया था.
समय-समय पर अपडेट होता रहा एप्पल लोगो
इसके बाद से एप्पल का लोगो समय के साथ बदलता रहता है, बदलने का मतलब यह है कि उसमें जरूरी मॉडिफाई होता रहता है. अभी जो लोगो दिखाई देता है तो वो ग्रे रंग का है जिसमें एक कटा हुआ एप्पल बना होता है. लेकिन इससे पहले ये लोगो कभी ब्लैक, कभी वाइट और कभी ब्लू कलर में भी इस्तेमाल हो चुका है.




