Tuesday, February 10, 2026
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जनरल डिब्बेˈ सिर्फ शुरू और अंत में ही क्यों होते हैं बीच में क्यों नही? 90% लोग नहीं जानते ये लॉजिकˌ

जनरल डिब्बेˈ सिर्फ शुरू और अंत में ही क्यों होते हैं बीच में क्यों नही? 90% लोग नहीं जानते ये लॉजिकˌ
जनरल डिब्बेˈ सिर्फ शुरू और अंत में ही क्यों होते हैं बीच में क्यों नही? 90% लोग नहीं जानते ये लॉजिकˌ

हम में से ज्यादातर लोगों ने ट्रेन से यात्रा की है, कभी पास के शहरों या गांवों के लिये, तो कभी लंबी दूरी के लिये। ट्रेनों में अक्सर, जनरल, स्लीपर और एसी कोच होते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर आपने गौर किया होगा, तो आपको पता होगा कि जनरल बोगियां अक्सर ट्रेनों के आगे या पीछे होती हैं।

इस वजह से आपके मन में कभी न कभी यह सवाल अवश्य आया होगा कि एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में अनारक्षित/सामान्य कोच केवल आगे और पीछे ही क्यों लगाए जाते हैं? ट्रेन के बीच में जनरल बोगियां क्यों नहीं लगाई जाती हैं? अगर हां, तो आज के इस लेख में हम आपके इस सवाल का जवाब लेकर आये हैं।

बोगियों की इस स्थिति के पीछे कई कारण हैं। हाल ही में एक युवक ने टि्वटर पर बोगियों की स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और यही सवाल किया। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ’24 बोगी वाली ट्रेन में जनरल बोगी दो ही क्यों होती हैं? और सबसे अहम बात ये है कि ये बोगियां ट्रेन के आगे और पीछे ही क्यों होती हैं? क्या इसलिए कि जब ट्रेन का एक्सीडेंट होगा तो जनरल बोगियों में सफर करने वाले गरीब सबसे पहले मरेंगे?” उन्होंने अपने ट्वीट पर रेल विभाग को भी टैग किया।

उनके सवाल का जवाब देते हुए रेलवे अधिकारी संजय कुमार ने लिखा, ‘पूछताछ करना अच्छा, है लेकिन सनक खराब है। यह यात्रियों की सुविधा के लिए है। जनरल कोच में भीड़ ज्यादा होती है। कल्पना कीजिए कि अगर यह बीच में है तो बीच में पूरा प्लेटफॉर्म यात्रियों द्वारा चढ़ने और उतरने की कोशिश करने से अवरुद्ध हो जाएगा, बाकी दोनों दिशाओं में जाने में सक्षम नहीं होंगे।

जनरल बोगियों के आगे और पीछे होने का मुख्य कारण प्लेटफॉर्म पर लोगों की भीड़ से बचना है। इस प्रकार, भीड़ दो समूहों में विभाजित हो जाएगी; कुछ पीछे की ओर जाएंगे और कुछ ट्रेन के आगे। यह रेलवे अधिकारियों को आपात स्थिति और दुर्घटनाओं के दौरान लोगों की मदद करने और प्लेटफॉर्म में खराब स्थितियों को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।”

me.sumitji@gmail.com

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