Tuesday, March 17, 2026
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‘जिनकी सिक्योरिटी के लिए खर्च किए अरबों डॉलर…,’ बुरा समय आते ही NATO ने काटी कन्नी, ट्रंप का फूटा गुस्सा!..

‘जिनकी सिक्योरिटी के लिए खर्च किए अरबों डॉलर…,’ बुरा समय आते ही NATO ने काटी कन्नी, ट्रंप का फूटा गुस्सा!..
‘जिनकी सिक्योरिटी के लिए खर्च किए अरबों डॉलर…,’ बुरा समय आते ही NATO ने काटी कन्नी, ट्रंप का फूटा गुस्सा!..

Iran-Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ इजरायल-अमेरिका की जंग को लेकर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अपने NATO सहयोगी देशों पर तंज कसा है. ट्रंप ने कहा कि हम इन देशों के लिए हर साल अरबों पैसे खर्च करते हैं, लेकिन जरूरत के समय वे हमारे लिए कुछ नहीं करेंगे.

ट्रंप का गुस्सा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा,’हमारे अधिकतर NATO सहयोगियों ने अमेरिका को सूचित किया है कि वे मिडिल ईस्ट में ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ हमारे सैन्य अभियान में शामिल नहीं होना चाहते हैं, जबकि लगभग हर देश हमारे कार्यों से पूरी तरह सहमत है और ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती. हालांकि, मैं उनके इस कदम से आश्चर्यचकित नहीं हूं, क्योंकि मैंने हमेशा NATO को, जहां हम इन्हीं देशों की सुरक्षा पर प्रतिवर्ष सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करते हैं, एकतरफा माना है. हम उनकी रक्षा करेंगे, लेकिन जरूरत के समय वे हमारे लिए कुछ नहीं करेंगे.’

NATO से नहीं मिला सहयोग
ट्रंप ने आगे लिखा,’ सौभाग्य से हमने ईरान की सेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. उनकी नेवी, एयर फोर्स, उनके एंटी एयरक्राफ्ट और रडारनष्ट हो गए हैं और शायद सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लगभग हर स्तर पर उनके नेता अब कभी भी हमें, हमारे मध्य पूर्वी सहयोगियों या दुनिया को धमकी नहीं दे पाएंगे. इस सैन्य सफलता के कारण, हमें अब NATO देशों की सहायता की जरूरत या इच्छा नहीं है. हमें कभी नहीं थी. इसी तरह, जापान, ऑस्ट्रेलिया या साउथ कोरिया के मामले में भी यही स्थिति है. वास्तव में USA के राष्ट्रपति के रूप में, जो विश्व में सबसे शक्तिशाली देश है, मैं कह सकता हूं कि हमें किसी की भी मदद की आवश्यकता नहीं है. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप.’

ट्रंप की धमकी
ट्रंप की यह टिप्पणी NATO और अन्य पश्चिमी सहयोगियों से होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में मदद की मांग के बाद आई है. ईरान ने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया है. वहीं जापान, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, स्पेन, ग्रीस और स्वीडन समेत कई देशों ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के लिए किसी भी सैन्य कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेंगे. इसको लेकर ट्रंप ने सोमवार ( 16 मार्च 2206) को NATO गठबंधन के भविष्य पर गंभीर परिणाम होने की चेतावनी दी थी.

me.sumitji@gmail.com

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