
BSNL Boss: 1357 करोड़ रुपये से घाटे में चल रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी के डायरेक्टर का ‘शाही’ दौरा खूब चर्चा में है. BSNL के डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे के लिए किए VVIP इंतजामों ने बहस छेड़ दी. जो कंपनी साल-दर-साल घाटे में हो, जिसे सरकार जीवनदान देकर बचा रही हो, उस कंपनी के निदेशक के निजी कार्यक्रम के लिए जो सरकारी इंतजाम किए गए, उसने BSNL की किरकिरी करा दी. अपने प्रयागराज दौरे के लिए विवेक बंजल ने 50 कर्मचारियों की टीम बनाई, प्रोटोकॉल ऐसे रखे गए जिसे देखकर आपको मुगलकाल की याद आ जाए. ‘साहब’ के नहाने से लेकर उनके अंडरवियर, तेल, कंघी, चिप्स-पापड़ सबके लिए मिनट-टू- मिनट का प्रोग्राम तय किया गया. सब कुछ सरकारी खर्चे पर हो रहा था. प्रोटोकॉल भी विभाग की ओर से जारी किया गया था. चूंकि प्रोटोकॉल की कॉपी लीक हो गई और सरकार और विभाग दोनों की आलोचना हो रही है, ऐसे में बंजल ने अपना दौरा रद्द कर दिया है. वहीं सरकार ने भी उनपर एक्शन लिया है.
साहब के लिए शाही इंतजाम में लगे 50 अधिकारी
बीएसएनएल के डायरेक्टर विवेक बंजल अपनी फैमिली के साथ दो दिनों के प्रयागराज के दौरे पर जाने वाले थे, जहां उनके गंगा स्नान से लेकर खाने-पीने-ठहरने का इंतजाम था. 50 कर्मचारियों की एक टीम बनी थी. इसी टीम के पास साहब के स्वागत की पूरी जिम्मेदारी थी. ऑर्डर डीजीएम स्तर से जारी किया गया था, इसलिए किसी के आनाकानी का करने का सवाल ही नहीं उठता. प्रोटोकॉल के मुताबिक विवेक बंजल 25 और 26 फरवरी को परिवार के साथ प्रयागराज पहुंचने वाले थे. उनकी पर्सनल विजिट के लिए इंतजामों को लेकर विभाग की ओर से सर्कुलर जारी हुआ. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सर्कुलर में डायरेक्टर और उनकी फैमिली के लिए खाने-पीने और रहने के अलावा तौलिए,टॉयलेटरीज,ग्रूमिंग किट के साथ-साथ अंडरवियर तक का इंतजाम करने का आदेश जारी किया गया. वेलकम के लिए अधिकारियों की फौज खड़ी कर दी गई, लेकिन सोशल मीडिया पर ये सर्कुलर वायरल हो गया. किरकिरी होने के बाद उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा. सरकार और विभाग दोनों की फजीहत हो गई.
कौन हैं विवेक बंजल
BSNL की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक विवेक बंजल कंपनी के डायरेक्टर हैं. 1987 बैच के इंडियन टेलीकॉम सर्विस ऑफिसर विवेक बंजल के पास 34 साल का अनुभव है. साल 2016 में उन्हें प्रमोशन दिया गया और भारत फाइबर की जिम्मेदारी सौंपी गई. उनके पास BSNL IT फ्रेमवर्क की भी जिम्मेदारी है. उनके पास इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की डिग्री और कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री है. लंबे वक्त से बीएसएनएल में सेवा दे रहे बंजल अब आलोचनाओं से घिर गए हैं. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उनकी क्लास लगा दी है. उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. लाखों की सैलरी पाने वाले बीएसएनएल के डायरेक्टर की इस विजिट ने सरकारी तंत्र और सरकारी पैसे की फिजूलखर्ची पर सवाल उठा दिया है. सरकारी अधिकारियों के वीआईपी कल्चर को लेकर आलोचना हो रही है.




