
Nidra Devi Importance for Speeping: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून की नींद किसी वरदान से कम नहीं है. हिंदू शास्त्रों में निंद सिर्फ शरीर की एक अवस्था नहीं, बल्कि एक साक्षात् देवी का स्वरूप माना गया है. शास्त्रों में नींद का संबंध निद्रा देवी से माना गया है. वैसे तो निद्रा देवी के नाम से तो अधिकांश लोग परिचित हैं. लेकिन निद्रा देवी वास्तव में कौन हैं, इस बात से अक्सर लोग अनजान हैं. कहते हैं कि निद्रा देवी की कृपा से ही कोई इंसान सुकून की नींद ले पाता है. यही वजह है कि शास्त्रों के जानकार सोते वक्त निद्रा देवी का स्मरण करने की सलाह देते हैं. आइए जानते हैं कि निद्रा देवी कौन हैं और सोने से पहले इनका स्मरण करने से सुकून की नींद क्यों आती है. साथ ही अच्छी नींद के लिए सोते वक्त किस मंत्र का उच्चारण करना अच्छा होता है.
कैसा है निद्रा देवी का स्वरूप?
मार्कण्डेय पुराण और श्रीदुर्गा सप्तशती के अनुसार, निद्रा देवी साक्षात् भगवती महामाया हैं. जब सृष्टि का प्रलय काल आता है, तब भगवान विष्णु क्षीर सागर में जिस अवस्था में लीन होते हैं, उसे योगनिद्रा कहा जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, जब मधु और कैटभ नाम के राक्षसों का वध करना था, तब ब्रह्मा जी ने भगवान विष्णु को जगाने के लिए इन्हीं निद्रा देवी की स्तुति की थी. शास्त्रों में निद्रा देवी को तमस गुण की अधिष्ठात्री माना गया है, लेकिन यह तमस नकारात्मक नहीं, बल्कि शरीर को आराम देने वाला होता है.
सोते समय देवी का ध्यान क्यों है जरूरी?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोने से पहले निद्रा देवी का स्मरण करना अत्यंत लाभकारी होता है. जब हम देवी का ध्यान करते हैं, तो दिनभर की चिंताएं और नकारात्मक विचार शांत होने लगते हैं. इससे मन ध्यान की मुद्रा में चला जाता है. माना जाता है कि जो व्यक्ति शुद्ध मन से निद्रा देवी का स्मरण करता है, उसे डरावने सपने परेशान नहीं करते. देवी का सुरक्षा कवच व्यक्ति के मन की रक्षा करता है. अगर आपको देर रात तक नींद नहीं आती है, तो निद्रा देवी के मंत्र का जाप करना फायदेमंद हो सकता है.
सोने से पहले इस सिद्ध मंत्र का करें जाप
यदि आप अनिद्रा या मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, तो बिस्तर पर लेटकर आंखें बंद करें और इस मंत्र का 3 या 11 बार मानसिक जाप करें. दुर्गा सप्तशती में निद्रा देवी की स्तुति के लिए “या देवी सर्वभूतेषु निद्रा रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः.” इस मंत्र का जिक्र किया गया है. निद्रा देवी के इस मंत्र का भावार्थ है- जो देवी सभी प्राणियों में निद्रा के रूप में स्थित हैं, उन्हें मेरा बारंबार नमस्कार है.






