
कर्नाटक के दावणगेरे में घटी यह घटना समय के साथ भले ही पुरानी हो चुकी हो, लेकिन इसे आज भी एक ऐसी कहानी के रूप में याद किया जाता है, जिसमें एक महिला ने अपनी इज्जत और आत्मसम्मान के लिए डटकर सामना किया। उस समय एक साधारण महिला अपने छोटे से काम के लिए बैंक पहुंची थी। उसे करीब 2 लाख रुपये का लोन चाहिए था, ताकि वह अपनी जरूरतें पूरी कर सके और अपने जीवन को बेहतर बना सके। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस जगह से उसे मदद की उम्मीद थी, वहीं उसे अपमान का सामना करना पड़ेगा।
बैंक के मैनेजर देवइया ने कागज देखने के बाद उससे ऐसी मांग रख दी, जिसने महिला को भीतर तक झकझोर दिया। उसने साफ शब्दों में कहा कि लोन की मंजूरी के बदले उसे उसके साथ संबंध बनाने होंगे। यह सुनकर महिला कुछ पल के लिए चुप जरूर रही, लेकिन उसने मन ही मन ठान लिया कि वह इस अन्याय को यूं ही नहीं जाने देगी। उसने सीधे टकराव करने के बजाय एक योजना बनाई और मैनेजर को अपने घर आने के लिए कहा।
जब मैनेजर तय समय पर उसके घर पहुंचा, तो उसे अंदाजा भी नहीं था कि आगे क्या होने वाला है। जैसे ही वह अंदर आया, महिला ने उसे बाहर खींच लिया और गुस्से में चप्पलों और डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। यह सब अचानक हुआ और देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। महिला ने बिना डरे उसे सबक सिखाया और उसकी हरकत को सबके सामने उजागर कर दिया।
कुछ ही देर में यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया, जो बाद में तेजी से फैल गया। आखिरकार महिला ने खुद ही उस मैनेजर को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। यह घटना उस समय एक मिसाल बन गई, जिसने यह दिखाया कि जब कोई अन्याय करता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना ही सबसे बड़ा जवाब होता है।






