Thursday, February 12, 2026
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23 फरवरी को क्या होने वाला है, भारत के हिमाचल में क्यों घुसेंगे अमेरिकी कमांडो?

23 फरवरी को क्या होने वाला है, भारत के हिमाचल में क्यों घुसेंगे अमेरिकी कमांडो?
भारत और अमेरिका के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर होने से पहले कई उतार-चढ़ाव आए। लेकिन इसका रक्षा कूटनीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इन तमाम उतार-चढ़ावों के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध संतुलित बने रहे हैं। अब, भारतीय और अमेरिकी विशेष बल इस महीने हिमाचल प्रदेश में संयुक्त अभियान चलाएंगे। यह सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार 23 फरवरी से 16 मार्च तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह में आयोजित किया जाएगा।

 इसका मकसद दोनों स्पेशल फोर्सेज के बीच जॉइंट ऑपरेशंस में तालमेल बढ़ाना, अनुभव साझा करना और आधुनिक युद्ध तकनीकों को समझना है। भारत-अमेरिका के बीच ‘वज्र प्रहार’ की शुरुआत 2010 में हुई थी। यह एक्सरसाइज दोनों देशों में बारी-बारी से होती रही है। इसमें दोनों देशों के अलीट कमांडो शामिल होते हैं। इनका फोकस जॉइंट मिशन प्लानिंग, ऑपरेशनल टैक्टिक्स और स्पेशल ऑपरेशंस में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों पर होता है। पिछली एक्सरसाइज में दोनों स्पेशल फोर्स आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस की प्रैक्टिस, एयरबोर्न ऑपरेशंस और पैरा-ड्रॉप, पहाड़ों पर युद्धाभ्यास कर चुकी हैं। 

इस अभ्यास के पिछले संस्करण में दोनों देशों के विशेष बलों ने एक साथ आतंकवाद विरोधी अभियानों का अभ्यास किया था। पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई अभियान और पैरा-ड्रॉप युद्ध, लंबी दूरी के सटीक लक्ष्यीकरण प्रशिक्षण, जलमार्ग से सैनिकों की घुसपैठ और बचाव अभियान का भी अभ्यास किया गया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस प्रकार के अभ्यास में, पारंपरिक और अपरंपरागत दोनों प्रकार के युद्ध परिदृश्यों का अनुकरण किया जाता है, ताकि कमांडो कठिन परिस्थितियों में भी समन्वय से काम कर सकें। 
वज्र प्रहार सैन्य अभ्यास हिमाचल प्रदेश के बकलोह में आयोजित किया जा रहा है। बकलोह को भारतीय विशेष बलों के प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
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