Monday, March 23, 2026
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Youtube वीड‍ियो देखकर डाउनलोड क‍िया ट्रेड‍िंग ऐप, 58 साल की महिला के साथ जो हुआ वो…!..

Youtube वीड‍ियो देखकर डाउनलोड क‍िया ट्रेड‍िंग ऐप, 58 साल की महिला के साथ जो हुआ वो…!..
Youtube वीड‍ियो देखकर डाउनलोड क‍िया ट्रेड‍िंग ऐप, 58 साल की महिला के साथ जो हुआ वो…!..

Cyber Crime: साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। कर्नाटक के उडुपी जिले में ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़े साइबर अपराध का एक नया मामला सामने आया है। इसमें एक शिक्षका ठगी का शिकार हुईं। 51 वर्षीय शिक्षिका ने यूट्यूब पर ट्रेडिंग से संबंधित एक वीडियो देखा और उसमें बताया गए ऐप को डाउनलोड कर लिया। शुरुआत में निवेश करने पर पीड़िता को छोटे-छोटे फायदे दिखे। फिर जालसाज ने पीड़िता को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और एक अन्य ऐप डाउनलोड करने को कहा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उस ऐप में पीड़िता ने धीर-धीरे 11.75 लाख रुपये का निवेश कर दिया। जब पैसे निकालने की बारी आई तो कोई ना कोई दिक्कत बताकर प्रोसेस को टाला गया। तब पीड़िता को समझ आया कि उसके साथ ठगी हो गई है।

यूट्यूब वीडियो देखकर फंसी जाल में
शिकायत के अनुसार, शिवल्ली की रहने वाली है पीड़िता ने YouTube पर ट्रेडिंग से जुड़ा एक वीडियो दिखा। इस वीडियो में निवेश पर भारी मुनाफा देने का दावा किया जा रहा था। वीडियो में एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करने को भी कहा गया था। शिक्षिका को वीडियो सही लगा और उसने वीडियो में बताया गया ऐप अपने फोन में डाउनलोड कर लिया और उस प्लेटफॉर्म पर काम करना शुरू कर दिया। शुरुआत में, भरोसा जीतने के लिए उसे छोटे-छोटे मुनाफे दिखाए गए, जिसके बाद उसे एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया।

व्हाट्सऐप के ग्रुप में जोड़कर जीता भरोसा
उस ग्रुप में खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले लोग ट्रेडिंग के लिए टिप्स और निवेश की सलाह देते थे। पीड़िता को ‘A20 Stock Market Profit Guide’ नाम के एक ग्रुप में शामिल किया गया था। भरोसा जीतने के लिए ग्रुप में मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट और दूसरे सदस्यों की सफलता की कहानियां शेयर की गईं। इसी दौरान, उसे ‘SALT Cap’ नाम का एक और ऐप डाउनलोड करने के लिए एक लिंक भेजा गया।

शिक्षिका ने वह ऐप इंस्टॉल किया और KYC के लिए अपनी जानकारी दी। इसके बाद उसे ‘Saltovo Capital Exclusive Stock Account’ नाम की एक ट्रेडिंग फर्म में पैसे निवेश करने के लिए कहा गया। उसने 6 मार्च से 14 मार्च के बीच कई लेन-देन के जरिए कुल 11.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

ना मुनाफे की रकम मिली और ना ही मूल रकम
शुरुआत में, ऐप में निवेश की बढ़ती कीमतें और मुनाफा दिखाया गया, जिससे उसका भरोसा और भी मजबूत हो गया। लेकिन जब उसने अपने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उसे बार-बार तकनीकी दिक्कतें आईं और अतिरिक्त शुल्कों का हवाला देकर टाल दिया गया। कई बार कोशिश करने के बाद भी, ना तो पीड़िता को मुनाफे की रकम मिली और ना ही मूल रकम वापस मिली। तब उसे समझ आया कि उसके साथ धोखाधड़ी हो गई है।

इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। इससे पता चलता है कि यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड की गईं सारी वीडियो असली और सही नहीं होती हैं। यूट्यूब और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म का इश्तेमाल करने आसानी से लोगों के साथ ठगी की जा रही है।

me.sumitji@gmail.com

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