लखनऊ में सोमवार को करीब 25 हजार लोग काले कपड़े पहने सड़क पर जुलूस में निकले थे। इनकी सुरक्षा में 10 एडिशनल एसपी, 32 डिप्टी एसपी, 12 कंपनी पीएसी, दो-दो कंपनी RAF और CRPF तथा करीब 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। आइए जानते हैं क्या पूरा मामला

तन पर काले कपड़े और मन दुखी
उत्तर प्रदेश की राजधानीलखनऊ की सड़कों पर सोमवार को जब हजारों लोग काले कपड़े पहने हुए निकले तो देखने वाले लोग हैरान थे। सबके के मन में यही सवाल था कि लोग इतने दुखी हैं और क्या कर रहे हैं। तो बता दें कि यह लोग शिया समुदाय के लोग हैं। जो इमाम अली की शहादत की बरसी पर आयोजित ‘शबीह-ए-तबूत गिलीम’ जुलूस में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।
बता दें कि शिया समुदाय के हजारों लोग ‘गिलीम’ (कंबलों से बना ताबूत) का जुलूस निकाल रहे थे। यह जुलूस 4 किलोमीटर लंबा था। सभी इस ताबूत की एक झलक देखना चाहते थे। ताबूत को चूमने की मची होड़ मची हुई थी।
महिलाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक काले लिवास में
शिया समुदाय के इस जुलूस में पुरुषों, महिलाओं, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक शामिल हुए। महिलाओं अपने मासूम बच्चों को गोद में लिए नजर आईं। इस दौरान सभी ने बड़ी संख्या में शिरकत कर “या अली मौला अली” के साथ इमाम अली की शहादत को याद किया।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था
बता दें कि जुलूस को देखते हुए लखनऊ प्रशासन और यूपी सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। RAF और CRPF की भी तैनाती की गई थी, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी।
जुलूस मेंकरीब 25 हज़ार लोग शामिल
यूपी डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि इस जुलूस में करीब 25 हज़ार लोग शामिल होए थे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 10 एडिशनल एसपी, 32 डिप्टी एसपी, 12 कंपनी पीएसी, दो-दो कंपनी RAF और CRPF तथा करीब 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।संवेदनशील इलाकों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।





