प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल में बयान दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति रही है। भारत किसी भी कीमत पर आतंकवाद को स्वीकार नहीं करता। इस बयान के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नितिन याू ने पीएम मोदी के कान में कुछ कहा। इसके बाद दोनों नेता मुस्कुराए। हां करते हुए गर्दन हिलाई और फिर हाथ मिलाया। खबरें हैं कि पाकिस्तान पर बिजली गिराने की तैयारी है। एक इशारा डोनाल्ड ट्रंप पहले ही दे चुके हैं कि अगर मैं ना होता तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जिंदा भी नहीं होते। इसी कड़ी में पीएम मोदी और नेतन्याहू की बातचीत के बीच भारतीय सेना ने तहलका मचा दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत किसी देश पर हमले की तैयारी कर रहा है?
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि पीएम मोदी का नेतन्याहू से मिलना भारत की पॉलिसी के खिलाफ है। पूरी दुनिया इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के खिलाफ है। पीएम मोदी जो 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनका एक क्रिमिनल को गले लगाना ठीक नहीं है। यह भारत के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। मुफ्ती ने कहा कि मैं समझती हूं कि हमारे मुल्क की जो पॉलिसी है यह बिल्कुल उसके खिलाफ है और इस वक्त पूरी दुनिया जो है वो इजराइल का जो प्राइम मिनिस्टर है बीबी नेतन्यारहू उसके खिलाफ है। वो एक इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने उसको जो इंडाइट किया हुआ है उसको किसी बहुत सारे मुल्कों में वो जा नहीं पाते क्योंकि उनको कहीं भी गिरफ्तार किया जाएगा।
दूसरी तरफ भारतीय सेना में टू कोर के जीओसी और आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने बताया है कि ऑपरेशन सिंदूर टू शुरू हो चुका है। लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने कहा है कि पिछली बार तो पाकिस्तान को सिर्फ एक छोटा सा सैंपल दिखाया था। सिर्फ 4 दिन में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था। उसने भारत के डीजीएमओ से संपर्क करके युद्ध रोकने की गुहार लगाई थी। लेकिन इस बार भारत की तैयारी का स्तर बहुत बड़ा और बहुत ज्यादा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस बार सिंदूर में हमने बहुत ही एक छोटा नमूना दिया था पाकिस्तान। बहुत छोटा नमूना और आप लोगों को मालूम होगा कि सिर्फ चार ही दिन में पाकिस्तान के घुटने उन्होंने अपने टेक दिए थे और किस तरह से उन्होंने हमारे डीजीएमओ को कॉल किया।



