Thursday, March 5, 2026
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क्या ट्रंप टॉवर के अंदर मिला बम? पूरे अमेरिका में हड़कंप

न्यूयॉर्क से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। जिस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर जा पहुंचा है उसी दौरान मैनहटन के बीच में स्थित 58 मंजिला इमारत ट्रंप टावर के अंदर एक संदिग्ध पैकेज मिलने की भी खबर सामने आई। यह वही इमारत है जो डॉन्ड ट्रंप से जुड़ी मानी जाती है और जहां उनकी कंपनी का हेड क्वार्टर भी मौजूद है। सोमवार शाम लगभग 4:20 स्टाई समय के अनुसार सीक्रेट सर्विस को मेल रूम में एक संदिग्ध पैकेज दिखाई दी। तुरंत 9:11 पर कॉल किया गया और न्यूयॉर्क पुलिस विभाग यानी न्यूयॉर्क सिटी पुलिस डिपार्टमेंट की बॉम्ब स्कॉट टीम मौके पर पहुंच गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कुछ ही मिनटों में इलाके का नजारा पूरा बदल गया। फिफ्थ एवेन्यू के आसपास भारी पुलिस बल, फायर ट्रक, टेक्निकल यूनिट और सुरक्षा एजेंसियों की गाड़ियां दिखाई देने लगी। एतियातन आसपास की सड़कों को बंद भी कर दिया गया और ट्रैफिक को डायवर्ट भी कर दिया गया। 

शहर के इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम ने भी लोगों को उस इलाके से दूर रहने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा गया कि पूरी इमारत के बाहर कड़ी सुरक्षा तैनात है। जिससे लोगों के मन में कई तरीके के सवाल उठने लगे। हालांकि 2 घंटों के बाद यह सामने आया। अधिकारियों ने विश्वास किया कि पैकेज में कोई खतरा नहीं था। ना तो कोई विस्फोटक सामग्री मिली। ना किसी को कोई नुकसान पहुंचा। कोई गिरफ्तारी भी नहीं हुई। लेकिन इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। यह सब ऐसे समय हुआ जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को लेकर राजनीतिक और सैन्य बयानबाजी बहुत ज्यादा तेज है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस घटना को बड़े जियोपॉलिटिकल तनाव से जोड़ने की कोशिश की। लेकिन अधिकारियों ने किसी भी तरीके की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी साजिश की पुष्टि नहीं की है। 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के मोर्चे पर ‘शानदार प्रदर्शन’ के लिए  अमेरिकी सेना की प्रशंसा की। वहीं, अमेरिकी सीनेट में उनके सहयोगी रिपब्लिकन सांसदों ने ईरान के मुद्दे पर ट्रंप का साथ दिया और युद्ध रोकने की मांग वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने बहरीन, कुवैत और इजराइल पर हमले किए। तुर्किये ने कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्किये के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में ईरान में 1,000 से अधिक, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग 12 लोग मारे गए हैं। युद्ध ने दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, अंतरराष्ट्रीय नौवहन बाधित हुआ है जबकि पश्चिम एशिया में लाखों यात्रियों को फंसे हुए हैं। 
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