
हिमाचल प्रदेश पहुंचे दिल्ली पुलिस के 20 जवानों को सोलन पुलिस ने बुधवार को हिरासत में ले लिया. इस मामले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी की गुड बुक्स में आने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अराजकता की राजनीति कर रहे हैं.
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार का देश की छवि तहस-नहस करने वालों के साथ खड़ा होना शर्मनाक है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस का इस तरीके से दिल्ली पुलिस के काम में दखलअंदाजी करना बेहद दुखद है.
हिमाचल प्रदेश के लिए भी शर्म की बात
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ एआई इंपैक्ट समिट किसी पार्टी की नहीं बल्कि देश की छवि बनाने का काम कर रही थी. जहां दुनिया भर के राजनीतिक और तकनीकी दिग्गज जुटे हुए थे, जिसे मटियामेट करने का काम कांग्रेस पार्टी के युवा मोर्चा के द्वारा किया गया. इस नंगा नाच में हिमाचल प्रदेश की सरकार भी सहयोगी है, ये हमारे प्रदेश के लिए भी शर्म की बात है.
हिमाचल सदन में साजिश
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस पूरे कांड की सुक्खू सरकार के सहयोग से हिमाचल सदन में इस साजिश को अंजाम देने की रणनीति बनती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमाचल सदन में मौजूद होते हैं. ये बात भी पता चली है कि पुलिस के हत्थे चढ़े तीनों आरोपी हिमाचल कांग्रेस के एक चुने हुए जन प्रतिनिधि की गाड़ी में सरकारी अमले के संरक्षण में शिमला लाये गये थे.
देश की छवि को तहस-नहस करने की कोशिश
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों को सरकार के संरक्षण में ही रोहड़ू भेज दिया जाता है और उनके सुख-सुविधा का इंतजाम किया जाता है. हिमाचल प्रदेश के बाहर के लोग, जिन्होंने देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहस-नहस करने की कोशिश की, उन्हें यहां संरक्षण देना बहुत शर्मनाक है. ये सरकार देश की छवि खराब करने वालों का साथ देने के लिए कानून और संविधान की धज्जियां उड़ाने पर आमादा है.
दिल्ली पुलिस को हिरासत में लेने की कोशिश
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री इस तरह की अराजकता पूर्ण हरकतें करके राहुल गांधी की गुड बुक्स में आना चाहते हैं. पूरे कैबिनेट के दिल्ली में जाकर जमघट लगाने के कारण का भी आज खुलासा हो गया. जयराम ठाकुर ने कहा कि इंटर स्टेट ऑपरेशन में हिमाचल प्रदेश पुलिस को दिल्ली पुलिस का सहयोग करना चाहिए था लेकिन उन्होंने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की.
फजीहत के लिए हिमाचल सरकार जिम्मेदार
उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस की इस फजीहत के लिए सरकार जिम्मेदार है. नेता प्रतिपक्ष ने हिमाचल पुलिस से कहा कि वो अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के बजाय अपना काम करे. आज नालागढ़ में दिनदहाड़े हत्या हुई है. कांगड़ा में भी इसी तरह का मामला सामने आया है. पूरी तरह माफिया राज कायम है, गुंडागर्दी, गन कल्चर अपने चरम पर है. अपराध के मामले में 1 साल में 20% की बढ़ोतरी हुई है. लेकिन हिमाचल प्रदेश की पुलिस अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए सारी संवैधानिक मर्यादाएं लांघ रही है.


