बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं हरा सकती, इसलिए वोट चोरी और चुनावी धांधली के आरोप लगाकर देश में भ्रम और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस 50 हजार लोगों को इकट्ठा कर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर सकती है, तो बीजेपी भी 5 लाख गांव जाकर 100 करोड़ लोगों को बताएगी कि लोकतंत्र के लिए कांग्रेस सबसे बड़ा खतरा है.

जम्मू में प्रेस वार्ता के दौरान राम माधव ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और विपक्षी दलों की रैली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया गया था, जबकि उनके आकलन के मुताबिक वहां 50 हजार से ज्यादा लोग नहीं थे. उन्होंने कहा कि 23 विपक्षी पार्टियां मिलकर भी इतनी भीड़ नहीं जुटा पाईं, जम्मू में बीजेपी की एक विधानसभा क्षेत्र की रैली में 5000 पहुंच जाते हैं.
मतदाता सूची को दुरुस्त करना जरूरी है…’
राम माधव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पिछले कई महीनों से चुनाव आयोग और देश की चुनावी व्यवस्था को निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने का आरोप लगा रही है, लेकिन अब तक किसी ऐसे व्यक्ति को सामने नहीं ला पाई, जिसका वोट गलत तरीके से काटा गया हो. उन्होंने कहा कि देश में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु होती है और लाखों लोग अपना निवास स्थान बदलते हैं. ऐसे में मतदाता सूची को दुरुस्त करना जरूरी है.
घुसपैठियों को वोटिंग का अधिकार देने पर कांग्रेस से सवाल
बीजेपी नेता ने मतदाता सूची के मुद्दे पर रोहिंग्या घुसपैठियों का जिक्र करते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह चाहती है कि अवैध रूप से भारत में रह रहे घुसपैठियों को भी मतदान का अधिकार मिले?. उन्होंने कहा कि SIR के जरिए मृत लोगों, स्थान बदल चुके मतदाताओं और फर्जी नामों को हटाने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है.
इंदिरा गांधी और 1987 के चुनाव का किया जिक्र
राम माधव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इंदिरा गांधी के चुनाव और जम्मूकश्मीर के 1987 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चुनावी प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करने का इतिहास रहा है. उन्होंने 1987 में फारूक अब्दुल्ला और राजीव गांधी के गठबंधन के दौरान हुए विधानसभा चुनाव में धांधली के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस चुनाव के बाद जम्मूकश्मीर में आतंकवाद के उभार की परिस्थितियां बनीं.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस के आरोपों को भी उन्होंने राजनीतिक साजिश करार दिया. राम माधव ने सवाल किया कि जब कांग्रेस पहले भी कई चुनाव हारी थी, तब ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे. ऐसे में कांग्रेस को अपनी हार का जिम्मेदार कौन नजर आता था?. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर लोगों का लोकतंत्र से भरोसा कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस पर कही ये बात
वहीं, जम्मूकश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर जारी राजनीतिक उठापटक और सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे को लेकर राम माधव ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस आज सबके सामने टूटती हुई दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा यह हमारे ही लोगों का भरपूर आशीर्वाद रहा है कि आज रुहुल्लाह मेहदी दूसरी रैली कर रहे हैं.
हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंदरूनी विवाद पर आगे टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि पार्टी में जो कुछ भी हो रहा है, वह उनका आंतरिक मामला है और वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.
जम्मूकश्मीर में हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर असंतोष बढ़ा है. मंत्रियों के कामकाज, नेतृत्व और पार्टी में राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी की इस्तीफे से पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.



