शेयर बाजार में हुए नियमों में बदलाव निवेशकों को रास आए और निफ्टी में निवेश करने वालों की जबरदस्त कमाई हुई. अगर आंकड़ों को देखें तो बाजार बंद होने से दो मिनट पहले निफ्टी में चौंका देने वाली तेजी दिखी और निवेशकों ने 4 लाख करोड़ रुपएउ की कमाई कर डाली. जबकि पूरे दिन को देखें तो शुक्रवार के मुकाबले में निफ्टी के मार्केट कैप में 7.76 लाख करोड़ रुपए का इजाफा देखने को मिला. वहीं दूसरी ओीर बीएसई में 544.39 अंक यानी 0.70 फीसदी की तेजी देखने को मिली. जोकि निफ्टी के मुकाबले काफी कम है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर निफ्टी में किस तरह के नियमों में बदलाव हुए हैं, जिसकी वजह से निफ्टी में 1.60 फीसदी का इजाफा देखने को मिला और निवेशकों को मोटा फायदा हुआ…

तेजी के पीछे 3 प्रमुख कारण
- क्लोजिंग ऑक्शन सेशन का नया नियम: सेबी और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने F&O सेगमेंट के शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन लागू कर दिया है.
- पुराना तरीका: पहले शेयर का अंतिम भाव बाजार के अंतिम 30 मिनट के वॉल्यूमवेटेड एवरेज प्राइस के आधार पर तय होता था.
- नया तरीका: अब अंतिम भाव तय करने के लिए एक विशेष ऑक्शन विंडो का इस्तेमाल किया जाता है.
मार्केट टाइमिंग का बदला हुआ फॉर्मेट
दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर F&O स्टॉक्स में सामान्य ट्रेडिंग रोक दी जाती है. 3 बजकर 15 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट और 3 बजकर 30 मिनट तक F&O स्टॉक्स के लिए ‘क्लोजिंग ऑक्शन सेशन’ चलता है, जहां सभी खरीदबिक्री के आर्डर्स का मिलान किया जाता है. उसके बाद 3 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट के बीच पोस्टक्लोजिंग ट्रेडिंग विंडो संचालित होती है.
इक्विलिब्रियम प्राइस और लार्ज आर्डर
जैसे ही 3:15 बजे सामान्य ट्रेडिंग समाप्त होकर ऑक्शन विंडो शुरू हुई, म्यूचुअल फंड्स और विदेशी संस्थागत निवेशकों के बड़े पेंडिंग आर्डर्स एक साथ एग्जीक्यूट हुए हुए. अचानक एक ही समय पर बड़े बाइंग आर्डर्स मैच होने से डिमांडसप्लाई के असंतुलन के कारण निफ्टी का स्तर 2 मिनट में उछल गया.
क्या है विशेषज्ञों और दिग्गजों की राय
जानकारों की मानें तो क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से भारतीय शेयर बाजार में प्राइस डिस्कवरी की क्ववालिटी बेहतर होगी और अंतिम मिनटों में होने वाले अप्राकृतिक उतारचढ़ाव पर लगाम लगेगी. बड़े फंड हाउसों को अब बाजार बंद होने से पहले अपने बड़े सौदों को सही भाव पर एग्जीक्यूशन में आसानी होगी. Zerodha जैसे प्रमुख ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स ने ट्रेडर्स को पहले ही आगाह किया था कि 3:15 PM के कटऑफ टाइम का ध्यान रखें, क्योंकि समय से पहले पोजीशन क्लोज न करने पर ऑटोस्क्वायर ऑफ और ऑक्शन में रेट में अंतर देखने को मिल सकता है.
व्यापारी और निवेशक इन बातों का रखें ध्यान
- समयसीमा का ध्यान रखें: इंट्राडे और F&O ट्रेडर्स को अब 3:30 PM के बजाय 3:15 PM को ही अपना अंतिम कटऑफ टाइम मानकर चलना होगा.
- शुरुआती अस्थिरता से बचें: नए नियम के शुरुआती दिनों में 3:15 PM से 3:30 PM के दौरान ऐसे प्राइस स्पाइक्स या अचानक चाल देखने को मिल सकती है, इसलिए आखिरी मिनटों में नए सौदे लेने से बचें.
- लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स: लंबे समय के निवेशकों के लिए यह बदलाव सकारात्मक है क्योंकि इससे स्टॉक्स का क्लोजिंग प्राइस अधिक पारदर्शी और वास्तविक सप्लाईडिमांड को दर्शाता है.
एक्सपायरी के दिन क्या होगा?
ध्यान रहे कि सोमवार से निफ्टी में क्लॉजिंग टाइम में बदलाव लागू हुए थे और साथ में Closing price discovering system में Improvement के उद्देश्य से कुछ सुधार लागू हुए थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। फिलहाल पूरा बाजार, बाजार के एक्सपर्ट इत्यादि सब घटना की असली वजह से अनजान हैं और उम्मीद की जा रही है कि शेयर बाजार इस पर जल्द दी कुछ Clarity दे पाएगा. समस्या सिर्फ इतनी ही नहीं है. समस्या ये भी है कि कल यानि मंगलवार को निफ्टी का एक्सपायरी डे है. जो लोग Option Sellers हैं, उनका पैसा, इस गड़बड़ी की वजह से संभवत पूरा 0 हो जाएगा, जो कि कभी होता नहीं है. ध्यान रहे कि Option sellers ही मार्केट में सबसे ज्यादा पैसा लगाते हैं. यहां मामला खरबों रूपयों का फंस गया है अब यानि Option Sellers का खरबों रुपए इस गड़बड़ी में लगभग जो हो सकता है क्योंकि कल निफ्टी की एक्सपायरी डे है.
निवेशकों की हुई मोटी कमाई
इस तेजी की वजह से निवेशकों की भी मोटी कमाई हुई. खास बात तो ये है कि पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन के मुकाबले में निफ्टी में 1.60 फीसदी की तेजी देखने को मिली. जिसका असर निफ्टी के मार्केट कैप पर भी देखने को मिला. बीते शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद निफ्टी का मार्केट कैप 484.37 लाख करोड़ रुपए था, जो आज बढ़कर 492.14 लाख करोड़ रुपए हो गया. इसका मतलब है कि निफ्टी के मार्केट कैप में शुक्रवार के मुकाबले में 7.76 लाख करोड़ रुपए देखने को मिला. जबकि बाजार बंद होने के दो मिनट पहले निफ्टी का मार्केट कैप 488.14 लाख करोड़ रुपए था. इसका मतलब है कि निवेशकों ने दो मिनट के भीतर 4 लाख करोड़ रुपए की कमाई कर डाली.



