प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. वित्त मंत्रालय ने अनिवार्य रिटायरमेंट फंड कवरेज के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने की मंजूरी दे दी है. यह सीमा एक दशक से ज्यादा समय से बदली नहीं थी. नई सीमा लागू होने पर, सैलरी पाने वाले और भी कर्मचारी अनिवार्य प्रोविडेंट फंड और पेंशन कवरेज के दायरे में आ जाएंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। नई वेतन सीमा कब से लागू होगी, इसका फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद किया जाएगा.

अभी सिर्फ वे कर्मचारी जिनकी बेसिक सैलरी 15,000 रुपये प्रति माह तक है, उन्हें अनिवार्य रूप से एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड और एम्प्लॉई पेंशन स्कीम के दायरे में रखा जाता है. इससे ज्यादा कमाने वाले कर्मचारी इससे बाहर रह सकते हैं और एम्प्लॉयर के लिए उन्हें इसमें शामिल करना कानूनी रूप से जरूरी नहीं है. जब यह सीमा 25,000 रुपये हो जाएगी, तो 15 हजार रुपये से 25 हजार रुपये प्रति माह कमाने वाले कर्मचारी भी इसके दायरे में आ जाएंगे. इस बदलाव से प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए सोशल सिक्योरिटी कवरेज के काफी बढ़ने की उम्मीद है.



