ITC Share Price: शेयर बाजार में आईटीसी के निवेशकों के लिए सोमवार, 3 अगस्त का दिन एक बड़ी राहत लेकर आया. टैक्स बढ़ोतरी के झटके से कंपनी का सिगरेट कारोबार तेजी से उबरता हुआ दिख रहा है और इसका सीधा असर स्टॉक पर पड़ा है. ट्रेडिंग सेशन के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर यह एफएमसीजी शेयर करीब 3.81 फीसदी की छलांग लगाते हुए 292.55 रुपये के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. पिछले सप्ताह शुक्रवार को यह शेयर 281 रुपये पर बंद हुआ था. सोमवार को 284.45 रुपये पर खुलने के बाद इसने जो रफ्तार पकड़ी, उसके पीछे दिग्गज ब्रोकरेज फर्म नोमुरा की एक सकारात्मक रिपोर्ट का बड़ा हाथ रहा. अगर आप इस दिग्गज कंपनी में निवेश करने की सोच रहे हैं या आपके पोर्टफोलियो में यह शेयर पहले से है, तो बाजार के नए समीकरण समझना आपके लिए जरूरी है.

बुरे दौर से बाहर निकला सिगरेट कारोबार
हाल ही में सरकार द्वारा टैक्स में की गई बढ़ोतरी ने आईटीसी के सबसे अहम सिगरेट कारोबार की रफ्तार को धीमा करने की कोशिश की थी. हालांकि, जून तिमाही के नतीजे बता रहे हैं कि कंपनी इस चुनौती से उम्मीद से काफी बेहतर तरीके से निपट रही है. बाजार के जानकारों को आशंका थी कि सिगरेट की बिक्री में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आएगी, लेकिन असल में यह गिरावट केवल 5 से 6 फीसदी तक ही सीमित रही. यह सच है कि टैक्स का ज्यादा बोझ उठाने की वजह से सिगरेट सेगमेंट के मुनाफे में सालाना आधार पर 35 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. लेकिन, राहत की बात यह है कि कंपनी द्वारा कीमतों में धीरेधीरे किए जा रहे बदलाव से मांग फिर से पटरी पर लौट रही है.
नोमुरा का बड़ा दांव, अपग्रेड हुई रेटिंग
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का साफ तौर पर मानना है कि आईटीसी के लिए सबसे बुरा वक्त अब खत्म हो चुका है. इसी भरोसे के साथ फर्म ने इस शेयर की रेटिंग को ‘रिड्यूस’ से अपग्रेड करके सीधे ‘बाय’ कर दिया है. इसके साथ ही टारगेट प्राइस भी 300 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये कर दिया गया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दूसरी तरफ, मोतीलाल ओसवाल ने थोड़ी सतर्कता बरतते हुए अपनी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग और 300 रुपये का टारगेट कायम रखा है. मोतीलाल ओसवाल का तर्क है कि हालिया टैक्स बढ़ोतरी के असर को पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ और तिमाहियों का समय लग सकता है. वहीं, जेएम फाइनेंशियल ने स्टॉक पर ‘ऐड’ रेटिंग तो बरकरार रखी है, लेकिन इसका टारगेट घटाकर 325 रुपये कर दिया है. उनका तर्क है कि कंपनी की 5 फीसदी की शानदार डिविडेंड यील्ड इस शेयर को बड़ी गिरावट से बचाने का काम करेगी.
एफएमसीजी से एग्री बिजनेस का हाल
अगर जून तिमाही के समग्र नतीजों पर नजर डालें, तो कंपनी का कुल रेवेन्यू 16,908 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के 17,362 करोड़ रुपये के अनुमान से थोड़ा कम था. कामकाज के मोर्चे पर कंपनी का EBITDA 4,514 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन घटकर 26.7 फीसदी पर आ गया. कुल नेट प्रॉफिट 3,579 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि बाजार 3,990 करोड़ रुपये की उम्मीद कर रहा था. हालांकि, कंपनी के रोजमर्रा के सामान वाले कारोबार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 फीसदी की ग्रोथ हासिल की. इसके अलावा पेपरबोर्ड बिजनेस में भी 9% की रेवेन्यू ग्रोथ देखने को मिली. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से सप्लाई चैन पर असर पड़ा है, जिसके कारण एग्री बिजनेस का रेवेन्यू 17 फीसदी तक गिर गया.
निवेशकों के लिए ये है सलाह
कंपनी मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि सिगरेट बाजार में अपनी हिस्सेदारी बचाने के लिए कड़े और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. नोटबुक जैसे गैरजरूरी एफएमसीजी उत्पादों की मांग में भी अब सुधार दिख रहा है, जो भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है. बाजार के रुख की बात करें, तो आईटीसी को कवर करने वाले कुल 37 एनालिस्ट्स में से 17 अब भी इस शेयर को खरीदने की सलाह दे रहे हैं. 15 जानकारों की राय इसे ‘होल्ड’ करने की है, जबकि सिर्फ पांच ने इसे बेचने का सुझाव दिया है.



