Wednesday, February 25, 2026
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ट्रंप का बड़ा चौंकाने वाला दावा;’पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ मर चुके होते, अगर मैं जंग न रोकता…!..

ट्रंप का बड़ा चौंकाने वाला दावा;’पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ मर चुके होते, अगर मैं जंग न रोकता…!..
ट्रंप का बड़ा चौंकाने वाला दावा;’पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ मर चुके होते, अगर मैं जंग न रोकता…!..

Trump new India-Pak explosive claim: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान को लेकर एक चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हालात इतने बिगड़ चुके थे कि मामला परमाणु युद्ध तक पहुंच सकता था. ट्रंप ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, ‘अगर मैंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो भारत और पाकिस्तान परमाणु युद्ध में उतर जाते. करीब 3.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी, यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी बच नहीं पाते.’

‘मैंने रुकवाई जंग’
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव के मामले में खुद को हीरो बताया है. पिछले कुछ महीनों से वह लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार ने व्यापार समझौतों और टैरिफ दबाव का इस्तेमाल कर दोनों देशों को तनाव बढ़ाने से रोका. हालांकि नई दिल्ली ने पहले भी साफ कर दिया था कि भारत और Pakistan के बीच किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई.

पहलगाम हमले के बाद बढ़ा था तनाव
दरअसल मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई शुरू की थी. भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत नियंत्रण रेखा पार आतंकी ढांचे पर निशाना साधा. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और यूसीएवी हमलों की कोशिशें की गईं, जिन्हें भारत की एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया. सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन को अंजाम देकर पाकिस्तान को बुरी तरह मात दिया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे और दुनिया भर में चिंता जताई गई थी.

पाकिस्तान का जिक्र क्यों?
अपने भाषण में ट्रंप ने खास तौर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif का जिक्र करते हुए कहा कि हालात बेहद गंभीर थे. उनके मुताबिक, युद्ध की स्थिति बनती तो बड़े स्तर पर तबाही होती.

भारत का रुख क्या रहा?
भारत हमेशा से यह कहता आया है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने में किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी. नई दिल्ली के मुताबिक सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की बातचीत के बाद हुआ था न कि अमेरिकी दबाव से. भारत हमेशा से कहता आ रहा है कि कश्मीर समेत सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और किसी बाहरी देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाएगी.

रूस-यूक्रेन और ईरान पर भी बोले ट्रंप
अपने भाषण में ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिश कर रही है. वहीं ईरान को लेकर उन्होंने कहा कि वह कूटनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे.

me.sumitji@gmail.com

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