दिल्ली के कनॉट प्लेस यानी CP में शनिवार शाम होते ही सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नजर आई. अलगअलग जगहों पर समूह बनाकर खड़े युवकों को दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने वहां से हटाया. पुलिस ने युवकों को एक जगह इकट्ठा होकर खड़े नहीं होने की चेतावनी भी दी. कनॉट प्लेस में किसी भी तरह की भीड़ जमा न हो, इसके लिए पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स लगातार निगरानी करती नजर आई. वहीं प्रदर्शनकारियों ने रविवार को भी जंतरमंतर कूच का ऐलान किया है. जिसे लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है.

राजधानी में विरोधप्रदर्शनों के मद्देनजर कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. चप्पेचप्पे पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. फिलहाल कनॉट प्लेस में सुरक्षा का कड़ा पहरा है. इसके अलावा जंतरमंतर, राजीव चौक और जनपथ के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है. लोगों को एक जगह जमा नहीं होने दिया जा रहा है. पुलिस जमा हा रहे लोगों को साफ कह रही है कि या तो यहां से चले जाएं, नहीं तो मजबूरन उन्हें डिटेन करना पड़ेगा.
दिल्ली में लोकतंत्र और वोट चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों को पुलिस ने जहांजहां रोका, प्रदर्शनकारियों ने वहीं अपना विरोध शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए, लेकिन इसके बावजूद लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सका. इस दौरान SFI और DFI ने भूख हड़ताल शुरू की, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी रोक दिया. वहीं, प्रदर्शन से जुड़े दावों के मुताबिक, ध्रुव राठी, दीपके, सौरभ और नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.
वहीं मुंबई में पुलिस ने बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के भतीजे इमरान खान और महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को हिरासत में ले लिया. एक्टर इमरान खान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए थे; इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. हालांकि कई घंटे की हिरासत के बाद शनिवार देर शाम दोनों को रिहा कर दिया गया. वहीं देर रात दिल्ली मेट्रो स्टेशनों को दोबारा खोल दिया गया.
‘सरकार को रोकने की बड़ी तैयारी ही हमारी जीत’
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से वोट चोरी और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर सवाल पूछने आए थे. उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोधप्रदर्शन को रोकने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई, लेकिन वे इसे अपनी लड़ाई की जीत के तौर पर देखते हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ दिल्ली की नहीं है. तेलंगाना समेत देश के अलगअलग हिस्सों में जिन लोगों के वोट कटने का आरोप है, यह लड़ाई उनके अधिकारों की भी है.
रविवार को पहुंचेंगे जंतरमंतर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी, अंजिक्य शिंदे ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों का इस आंदोलन में स्वागत है. प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि वे रविवार को फिर जंतरमंतर पहुंचेंगे और आने वाले दिनों में रोजाना अपना विरोध जारी रखेंगे. अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि दिपके की दादी की मृत्यु हो गई लेकिन दिल्ली पुलिस ने उनकी परिवार वालों से बात नहीं कराई.
लोकतांत्रिक संविधान में विश्वास
अंजिक्य शिंदे ने कहा कि हम उन सभी का स्वागत करते हैं जो लोकतांत्रिक संविधान में विश्वास रखते हैं. देखिए कि अमित शाह किस तरह देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. हमारे लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है, पहले पानी की सप्लाई काट दी गई, और अब ट्रेन, बस और मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं. हम उनकी तुरंत रिहाई की मांग करते हैं. हम क्या मांग कर रहे हैं? हम उन लोगों के अधिकारों की मांग कर रहे हैं जिनके वोट चोरी हुए थे. ये लोग अभी हमारी बात अनसुनी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 15,000 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
सड़कों पर जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण: रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सड़कों पर आज जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस + आप + लेफ्ट + CJP के लोगों ने विरोध के नाम पर खुलेआम तांडव किया. शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटी दिल्ली पुलिस और सभी सुरक्षा बलों को उकसाया गया और जानबूझकर टकराव की स्थिति पैदा करने प्रयास किया गया.
दिल्ली की सड़कों पर आज जो कुछ हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस + आप + लेफ्ट + CJP के लोगों ने विरोध के नाम पर खुलेआम तांडव किया। शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटी दिल्ली पुलिस और सभी सुरक्षा बलों को उकसाया गया और जानबूझकर टकराव की स्थिति पैदा करने प्रयास किया गया।
दिल्ली के मेरे भाईबहनों, आपने इस कठिन समय में जिस धैर्य और समझदारी का परिचय दिया, उसके लिए हम आपके आभारी हैं। आंदोलनजीवियों ने दिल्ली के सौहार्दपूर्ण माहौल को ख़राब करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हमारी पुलिस और सुरक्षा बलों की कर्तव्यनिष्ठा के चलते सब ठीक रहा।
मैं दिल्ली पुलिस के जवानों को विशेष रूप से साधुवाद देती हूं। उन्होंने धैर्य नहीं खोया। पूरी जिम्मेदारी और सूझबूझ से हालात को संभाला और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
हम सुनिश्चित करेंगे कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा, सुविधा और सामान्य जनजीवन में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आने पाए। कानून अपना काम पूरी दृढ़ता से करेगा।
— Rekha Gupta October 10, 2026
दिल्ली के मेरे भाईबहनों, आपने इस कठिन समय में जिस धैर्य और समझदारी का परिचय दिया, उसके लिए हम आपके आभारी हैं. आंदोलनजीवियों ने दिल्ली के सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन हमारी पुलिस और सुरक्षा बलों की कर्तव्यनिष्ठा के चलते सब ठीक रहा. हम सुनिश्चित करेंगे कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा, सुविधा और सामान्य जनजीवन में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आने पाए. कानून अपना काम पूरी दृढ़ता से करेगा.
दिल्ली हाट को जंतरमंतर बनाने की कोशिश नाकाम
जंतरमंतर और उसके आसपास कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने अपने विरोध प्रदर्शन की जगह बदलकर ‘दिल्ली हाट’ करने का ऐलान किया. संगठन की अध्यक्ष नेहा बोरा नई जगह पर गईं और दूसरों से भी वहां आकर शामिल होने की अपील की.
बोरा ने ‘X’ पर लिखा, “आज, दिल्ली हाट नया जंतरमंतर बन गया है! वहां मिलते हैं!” इस अपील से उन प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने की एक नई जगह मिल गई जो जंतरमंतर नहीं पहुंच पाए थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, फिर से इकट्ठा होने की यह कोशिश भी नाकाम रही और प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, बोरा को भी हिरासत में ले लिया गया. एक और विकल्प खोजने की कोशिश में, राज्यसभा सांसद ए.ए. रहीम ने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर नांगलोई स्टेडियम में ‘जंतरमंतर 2.0’ का ऐलान किया.



